शिवभक्ति की अनोखी मिसाल, 7500 KM की कांवड़ यात्रा पर निकले रोहित पहुंचे राजनांदगांव

राजनांदगांव:यह कहा जाता है कि जब सच्ची आस्था और पक्का इरादा एक साथ मिल जाए, तो सात हजार किलोमीटर से ज्यादा की दूरी भी छोटी लगने लगती है। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के रहने वाले रोहित कश्यप भगवान शिव की अनन्य भक्ति और देश की सांस्कृतिक विविधता को करीब से महसूस करने के दृढ़ संकल्प के साथ करीब 7500 किलोमीटर लंबी पैदल कांवड़ यात्रा पर निकले हुए हैं। अपनी इसी अद्भुत यात्रा के सिलसिले में बुधवार को वे छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव पहुंचे, जहां स्थानीय नागरिकों ने उनका बेहद गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
पिछले 2 महीने 26 दिन से लगातार कर रहे हैं पैदल सफर
रोहित कश्यप को पैदल चलते हुए अब 2 महीने और 26 दिन का समय बीत चुका है। इस दौरान वे अब तक लगभग 2600 किलोमीटर की दूरी सफलतापूर्वक तय कर चुके हैं। अपनी इस यात्रा के अब तक के पड़ाव में उन्होंने पावन नगरी अयोध्या में श्री रामलला, काशी में बाबा विश्वनाथ, झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ और पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त किया है। रोहित ने बताया कि उनकी इस लंबी यात्रा का आगे का मार्ग उज्जैन के महाकाल, अमरनाथ और फिर देवभूमि केदारनाथ धाम तक जाएगा।
धैर्य और अटूट संकल्प की अनूठी दास्तान
रोहित का मानना है कि इस तरह की लंबी पदयात्रा के दौरान रास्ते में नए लोगों से मिलना, प्रकृति के अलग-अलग रूपों को देखना और सीधे ईश्वरीय दरबार में हाजिरी लगाना जो आनंद देता है, वह किसी अन्य साधन से संभव नहीं है। उनका यह 7500 किलोमीटर का सफर वास्तव में श्रद्धा, सब्र और संकल्प का एक अनूठा उदाहरण पेश कर रहा है।
अपनी इस यात्रा के अनुभव साझा करते हुए रोहित कश्यप ने कहा, "सभी देशवासियों और मित्रों को हर-हर महादेव और जय सिया राम। मैं उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से लगभग साढ़े सात हजार किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा पर निकला हूँ। अब तक अयोध्या, काशी विश्वनाथ, देवघर और पुरी जगन्नाथ धाम के दर्शन पूरे हो चुके हैं। अब आगे उज्जैन महाकाल, बाबा अमरनाथ और केदारनाथ की ओर बढ़ रहा हूँ। आज मुझे पैदल चलते हुए दो महीने छब्बीस दिन हो चुके हैं। पैदल यात्रा में जो सीखने और अनुभव करने को मिलता है, वह बेहद खास है। ऊपर वाले की कृपा और आप सभी के स्नेह से यह यात्रा आगे भी पूरी होगी।"
