IB कर्मी अंकित शर्मा हत्याकांड में सजा का इंतजार, ताहिर हुसैन मामले में सुनवाई टली

नई दिल्ली:राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद ताहिर हुसैन सहित पांच दोषियों की सजा की अवधि पर होने वाली अहम सुनवाई को 27 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया है। अदालत का यह फैसला बचाव पक्ष के वकीलों द्वारा अपनी अंतिम दलीलें और कानूनी तर्क प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय मांगे जाने के बाद आया है। इस स्थगन के बाद अब दोषियों को उनकी सजा सुनाए जाने की प्रक्रिया में कुछ और दिनों का विलंब हो गया है।
अदालत ने बचाव पक्ष के बार-बार समय मांगने पर जताई आपत्ति और दी मोहलत
मामले की सुनवाई कर रहे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीन सिंह के समक्ष ताहिर हुसैन के कानूनी प्रतिनिधियों ने अतिरिक्त समय दिए जाने की बार-बार गुहार लगाई। अदालत ने बचाव पक्ष की इस मांग को स्वीकार करते हुए अंततः सुनवाई की अगली तिथि तय कर दी। हालांकि, कार्यवाही स्थगित करने से पहले न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि बचाव पक्ष को अपनी तैयारी पूरी करने का पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए ताकि न्याय प्रणाली में किसी भी प्रकार के संशय की गुंजाइश न रहे।
न्यायाधीश ने सजा में अनिश्चितता को लेकर जताई चिंता, त्वरित निपटारे पर दिया जोर
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीन सिंह प्रारंभ में अतिरिक्त समय प्रदान करने के पक्ष में बिल्कुल नहीं थे। उन्होंने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी दोषी व्यक्ति को उसकी सजा के निर्धारण को लेकर बहुत लंबे समय तक अनिश्चितता की स्थिति में नहीं रखा जाना चाहिए। अदालत का मानना था कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सजा पर सुनवाई जल्द से जल्द पूरी की जानी चाहिए ताकि पीड़ित पक्ष और दोषियों दोनों को कानूनी प्रक्रिया का अंतिम परिणाम स्पष्ट रूप से पता चल सके।
ताहिर हुसैन समेत पांचों दोषियों पर तय हो चुकी हैं गंभीर धाराएं
पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और उनके सहयोगियों को दिल्ली में हुए भीषण दंगों, हिंसा भड़काने, साजिश रचने और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया गया है। अभियोजन पक्ष ने जांच के दौरान मिले ठोस सबूतों, डिजिटल साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है। दूसरी ओर, बचाव पक्ष अब अगली सुनवाई में कम से कम सजा दिए जाने के पक्ष में अपनी दलीलें पेश करने की तैयारी कर रहा है।
27 जुलाई की अगली सुनवाई पर टिकीं सबकी निगाहें, सुरक्षा व्यवस्था सख्त
अब 27 जुलाई को होने वाली आगामी सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, जहाँ दोनों पक्षों की अंतिम बहस के बाद अदालत सजा का ऐलान कर सकती है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कानूनी जानकारों का मानना है कि अगली तारीख पर बचाव पक्ष की दलीलें पूरी होते ही अदालत अपना अंतिम फैसला सुरक्षित रख सकती है या उसी दिन दोषियों की सजा की अवधि का ऐलान कर सकती है।
