खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उछाल, रोजगार और कारोबार के लिए खुल रहे नए द्वार

खाद्य प्रसंस्करण (प्रोसेस्ड फूड) उद्योग तैयार करने वाली बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां भारी तादाद में भारत का रुख कर रही हैं, जिसके चलते यह सेक्टर देश में बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस तीव्र वृद्धि को देखते हुए इस क्षेत्र के जानकारों और कुशल प्रोफेशनल्स की मांग भी आसमान छू रही है। खाद्य प्रसंस्करण एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें मंदी की कोई गुंजाइश नहीं है, और यही वजह है कि आज के युवा इसे एक आकर्षक और सुरक्षित करियर विकल्प के रूप में चुन रहे हैं। वे इसके लिए जरूरी तकनीकी शिक्षा भी तेजी से हासिल कर रहे हैं। उद्योग संगठन (FICCI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में फूड प्रोसेसिंग के कारोबार के लिए कुशल लोगों की अभी भी भारी कमी है, जो आने वाले समय में युवाओं के लिए रोजगार के अपार अवसर लेकर आ रहा है।

फूड टेक्नोलॉजी में करियर के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता

यदि आप भी इस उभरते और चमकीले क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए निर्धारित शैक्षणिक मानक निम्नलिखित हैं:

  • अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्स के लिए: फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी या फिर मैथमेटिक्स विषयों के साथ 10+2 (इंटरमीडिएट) की परीक्षा न्यूनतम 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

  • पोस्टग्रेजुएट (PG) कोर्स के लिए: एमएससी या एमटेक कोर्स में प्रवेश पाने के लिए फूड टेक्नोलॉजी या संबंधित विज्ञान विषयों में स्नातक (Graduation) की डिग्री होना आवश्यक है।

क्या होता है एक फूड टेक्नोलॉजिस्ट का मुख्य काम?

फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के तहत वे सभी महत्वपूर्ण कार्य आते हैं जिनसे मक्खन, सॉफ्ट ड्रिंक्स, जैम-जेली, फ्रूट जूस, बिस्कुट और आइसक्रीम जैसे प्रोसेस्ड फूड्स की क्वालिटी, स्वाद, रंग-रूप और ताजगी लंबे समय तक बरकरार रहे।

  • गुणवत्ता और स्वच्छता की निगरानी: एक फूड टेक्नोलॉजिस्ट कच्चे माल से लेकर अंतिम उत्पाद (फिनिश्ड प्रोडक्ट) के तैयार होने तक उसकी गुणवत्ता, स्टोरेज (भंडारण) और हाइजीन (स्वच्छता) की कड़ी निगरानी करता है।

  • उत्पादन प्रक्रिया: इसमें मुख्य रूप से दो प्रक्रियाएं होती हैं— मैन्युफैक्चर्ड प्रोसेसेज, जिसके जरिए कच्चे कृषि और पशु उत्पादों के स्वरूप को बदलकर उन्हें खाने योग्य बनाया जाता है; और वैल्यु एडेड प्रोसेसेज, जिसके माध्यम से खाद्य पदार्थों को अधिक समय तक सुरक्षित (प्रोटेक्टेड) रखा जाता है, जैसे टमाटर से सॉस और दूध से आइसक्रीम बनाना।

इस क्षेत्र में उपलब्ध प्रमुख कोर्स और पढ़ाई का स्वरूप

फूड टेक्नोलॉजी की पढ़ाई बेहद दिलचस्प और ज्ञानवर्धक होती है, जिसमें खाद्य पदार्थों के रख-रखाव से लेकर पैकेजिंग, फ्रीजिंग, पोषक तत्वों के अध्ययन और फल, मांस व वनस्पति प्रसंस्करण की तकनीक सिखाई जाती है। आप निम्नलिखित प्रमुख कोर्स कर सकते हैं:

  • बीएससी (ऑनर्स) फूड टेक्नोलॉजी

  • बीटेक फूड टेक्नोलॉजी

  • एमटेक फूड टेक्नोलॉजी

  • पीजी डिप्लोमा इन फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी

  • एमबीए (एग्री बिजनेस मैनेजमेंट)

नौकरी के बेहतरीन अवसर और आकर्षक वेतनमान

इस क्षेत्र में कोर्स पूरा करने के बाद आपके पास रोजगार के ढेरों विकल्प खुल जाते हैं:

  • करियर विकल्प: आप फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, बड़ी रिटेल कंपनियों, होटल इंडस्ट्री, एग्री-प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियों या खाद्य गुणवत्ता की जांच करने वाली प्रयोगशालाओं (लैब्स) से जुड़ सकते हैं।

  • वेतनमान: इस क्षेत्र में शुरुआती स्तर पर आप आसानी से 8,000 से 15,000 रुपये प्रति माह कमा सकते हैं। कुछ वर्षों का अनुभव होने के बाद यह कमाई 30,000 रुपये प्रति माह या उससे भी अधिक हो जाती है। यदि आप खुद का स्वरोजगार या स्टार्टअप शुरू करते हैं, तो मुनाफा और भी बढ़ सकता है।

प्रमुख संस्थान जहां उपलब्ध हैं ये कोर्स

देश के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और संस्थानों में फूड टेक्नोलॉजी से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • नई दिल्ली: यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली

  • नई दिल्ली: इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU)

  • पंतनगर (उत्तराखंड): जी.बी. पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी

  • झांसी (उत्तर प्रदेश): बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी

  • कानपुर (उत्तर प्रदेश): कानपुर यूनिवर्सिटी

  • कोलकाता (पश्चिम बंगाल): कलकत्ता विश्वविद्यालय

  • अमृतसर (पंजाब): गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी

  • मुंबई (महाराष्ट्र): मुंबई यूनिवर्सिटी

  • नागपुर (महाराष्ट्र): नागपुर यूनिवर्सिटी

  • मैसूर (कर्नाटक): सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजी रिसर्च इंस्टीट्यूट (CFTRI)

  • रांची (झारखंड / बिहार): बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा

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