क्या देवेंद्र फडणवीस बनेंगे देश के अगले शिक्षा मंत्री? संजय राउत के दावे से सियासी हलचल

मुंबई: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद से त्यागपत्र दिए जाने के पश्चात देश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली से बुलावा आया है और उन्हें देश का नया शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है। राउत ने इस राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों से देश का लोकतंत्र मानो आईसीयू में पड़ा था, जिसे छात्रों और युवाओं के अभूतपूर्व संघर्ष के कारण आखिरकार ऑक्सीजन मिली है।

देशभर में युवाओं के कड़े संघर्ष और बलिदान की बड़ी जीत

संजय राउत ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का पद छोड़ना देश के युवाओं और छात्रों की ऐतिहासिक जीत है। उन्होंने उल्लेख किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर देश के विभिन्न बड़े शहरों जैसे पटना, लखनऊ और कोलकाता तक युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर भारी लाठियां खाईं और पुलिस की बर्बरता का सामना किया। यह इस्तीफा उसी देशव्यापी छात्र आंदोलन और एकजुट युवा शक्ति का प्रतिफल है, जिसने सरकार को अपना रुख बदलने और नैतिक जवाबदेही तय करने पर विवश किया।

मुंबई में आयोजित होने वाली रैली का बदला गया स्वरूप

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुंबई में आयोजित होने वाली रैली अब एक नए रूप में निकाली जाएगी। पहले यह रैली जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समर्थन देने के उद्देश्य से प्रस्तावित थी, लेकिन अब शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद इसे 'लोकतंत्र जीवित है' विजय यात्रा के रूप में निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश के नागरिकों को यह विश्वास दिलाने के लिए होगा कि लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता और युवाओं की आवाज सबसे ऊपर होती है।

संजय राउत ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के रुख पर उठाए सवाल

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पूर्व संजय राउत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के बयानों पर भी निशाना साधा था। राउत ने कहा था कि आरएसएस प्रमुख को केवल छात्रों से संवाद करने की बातें करने के बजाय सीधे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से बात कर शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी सुनिश्चित करानी चाहिए थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि यदि भागवत अपनी बात सरकार से मनवाकर इस्तीफा नहीं दिला सकते, तो उन्हें नागपुर लौटने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

जंतर-मंतर पहुंचे उद्धव ठाकरे ने सरकार बदलने का किया था आह्वान

उल्लेखनीय है कि कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित इस छात्र आंदोलन को अपना समर्थन देने के लिए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी बीते मंगलवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे। मंच से छात्रों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा था कि अन्याय के खिलाफ भड़की इस चिंगारी को किसी भी कीमत पर बुझने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि केवल एक मंत्री के पद त्याग देने भर से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि देश की व्यवस्था सुधारने के लिए इस सरकार को ही बदलना होगा।

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