सुशासन का ‘सेवा सेतु’: नेतानार के फूलसिंह और रामबती को आवेदन के दिन ही मिला विवाह प्रमाण पत्र

रायपुर : शासकीय दफ्तरों के चक्कर, लंबे इंतजार का तनाव और समय-धन की बर्बादी—कभी ग्रामीण अंचलों में सरकारी दस्तावेज बनवाना इन्हीं दुश्वारियों का दूसरा नाम हुआ करता था। लेकिन छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू हुए ‘सेवा सेतु केंद्र’ ने इस तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। अब सरकारी सेवाएं न सिर्फ आमजन के घर के नजदीक पहुंच रही हैं, बल्कि उनकी रफ्तार ऐसी है कि नागरिक भी हैरान और खुश हैं।
इसी पारदर्शी और त्वरित सुशासन की एक प्रेरक मिसाल सामने आई है जिले के सुदूर ग्राम नेतानार से।
ना दफ्तरों के चक्कर, ना इंतजार का झंझट
ग्राम नेतानार निवासी फूलसिंह पोटाई और उनकी पत्नी रामबती पोटाई को अपने विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) की आवश्यकता थी। अतीत के अनुभवों को देखते हुए उन्हें लगा था कि इस काम के लिए तहसील या जनपद कार्यालय के कई चक्कर काटने पड़ेंगे। लेकिन जब वे अपने नजदीकी 'सेवा सेतु केंद्र' पहुंचे, तो उनके सामने सुशासन का एक नया स्वरूप प्रस्तुत हुआ।
सेवा सेतु केंद्र के ऑपरेटर ने उनके दस्तावेजों को ऑनलाइन प्रोसेस किया। प्रक्रिया इतनी सुगम और व्यवस्थित थी कि जिस दिन आवेदन जमा हुआ, उसी दिन विवाह प्रमाण पत्र जारी कर उन्हें सौंप दिया गया।
दंपति के चेहरे पर झलकी खुशी, जताया आभार
तय समय-सीमा से भी पहले हाथ में विवाह प्रमाण पत्र पाकर फूलसिंह और रामबती बेहद खुश नजर आए। अपनी प्रसन्नता जाहिर करते हुए फूलसिंह ने बताया कि पहले एक छोटे से सर्टिफिकेट के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और पैसे दोनों बर्बाद होते थे। सेवा सेतु केंद्र से बिना किसी परेशानी के, एक ही दिन में प्रमाण पत्र मिल गया। यह व्यवस्था हम ग्रामीणों के लिए बहुत बड़ी राहत है।
बढ़ रहा आमजन का विश्वास
डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाओं के इस मॉडल ने ग्रामीण क्षेत्रों में शासन के प्रति जन-विश्वास को और मजबूत किया है। फूलसिंह और रामबती पोटाई ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 'सेवा सेतु केंद्र' जैसी जनकल्याणकारी पहल सही मायनों में ‘सुशासन से समृद्धि’ के संकल्प को साकार कर रही है।
