स्कूल पर भेदभाव का आरोप, न्याय की मांग को लेकर छात्रों ने पैदल मार्च कर सौंपा ज्ञापन

धार: मध्य प्रदेश के धार जिले के तिरला क्षेत्र में स्थित सांदीपनी शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक उदासीनता और कथित उत्पीड़न के विरोध में एक अनूठा और साहसिक कदम उठाया है। स्कूल के दर्जनों छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर लगभग 10 किलोमीटर तक पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंचे और आदिवासी छात्र संगठन के बैनर तले एकजुट होकर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से विद्यालय की प्राचार्य, एक शिक्षिका और खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) पर मासूम विद्यार्थियों के साथ कथित तौर पर जातिगत भेदभाव करने और उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार किए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
पिछले एक साल से आदिवासी छात्र-छात्राओं के साथ जातिसूचक टिप्पणियां करने और प्रताड़ित करने का आरोप
छात्रों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में यह मुख्य रूप से आरोप लगाया गया है कि विद्यालय में तैनात एक शिक्षिका पिछले एक लंबे साल से आदिवासी समाज के छात्र-छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है तथा उनके साथ कथित रूप से जातिसूचक टिप्पणियां करती आ रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पूर्व में भी कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन इसके बावजूद आज तक किसी भी प्रकार की ठोस या प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे शिक्षिका के हौसले बुलंद हैं और छात्रों का शैक्षणिक माहौल खराब हो रहा है।
संगठन ने दी चेतावनी, निष्पक्ष जांच कर दोषी प्राचार्य, शिक्षिका और BEO पर कार्रवाई न होने पर होगा बड़ा छात्र आंदोलन
आदिवासी छात्र संगठन और पीड़ित छात्र-छात्राओं ने प्रशासन के समक्ष यह मांग रखी है कि संबंधित शिक्षिका, विद्यालय की प्राचार्य और बीईओ (BEO) के खिलाफ तुरंत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही छात्रावास की व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच करवाने तथा छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व सम्मान को हर हाल में सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है। आदिवासी छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो जिला मुख्यालय पर एक बड़ा और उग्र छात्र आंदोलन किया जाएगा।
सहायक आयुक्त पारुल जैन ने मामले की निष्पक्ष जांच का दिया आश्वासन, दोषियों के खिलाफ नियमानुसार होगी कार्रवाई
छात्रों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन और लगाए गए गंभीर आरोपों के संदर्भ में प्रतिक्रिया देते हुए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, पारुल जैन ने कहा कि छात्र-छात्राओं और संगठन द्वारा ज्ञापन के जरिए अपनी शिकायतें हमारे संज्ञान में लाई गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण की गहराई से निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच के दौरान जो भी तथ्य और वास्तविकता सामने आएगी, उसके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, छात्रावासों में चल रही अनियमितताओं की शिकायतों की भी बारीकी से जांच करवाकर दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
