भिवंडी में दर्दनाक हादसा, जर्जर इमारत ढहने से 9 लोगों की मौत; मचा कोहराम

भिवंडी। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंतर्गत आने वाले भिवंडी शहर में एक बार फिर बड़ा हादसा सामने आया है, जहां गुरुवार की रात एक बहुमंजिला आवासीय इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इमारत के गिरते ही आसपास के इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार के बीच कई लोग मलबे के नीचे दब गए। इस भयानक दुर्घटना में अब तक नौ लोगों की जान जा चुकी है, जबकि राहत और बचाव दल अभी भी मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश में पूरी शिद्दत से जुटा हुआ है, और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन का सघन बचाव अभियान, मलबे से निकाले गए शव

घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), भिवंडी फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस प्रशासन और डॉग स्क्वॉड की संयुक्त टीमों ने तुरंत मौके पर मोर्चा संभाल लिया और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एनडीआरएफ के अधिकारियों के अनुसार, अब तक मलबे से नौ शवों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि इस मुश्किल अभियान के दौरान एक असिस्टेंट कमांडेंट के घायल होने की भी खबर है। अस्पताल लाए गए मृतकों में शमीम शेख, रंजीत सिंह, मिराज रसूल शेख, संतोष कुमार पांडे और शमीम अंसारी की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य शवों की शिनाख्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

गुरुवार रात ग्यारह बजे हुआ हादसा, खतरनाक घोषित कोहिनूर बिल्डिंग का बी विंग ढहा

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह दुर्घटना भिवंडी के नारपोली इलाके में स्थित गंगा राम वाडा के बालाजी नगर में बनी 'कोहिनूर बिल्डिंग' (ग्राउंड प्लस चार मंजिला) में गुरुवार रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच घटी। इस विशाल इमारत में कुल 48 कमरे थे, जिसमें प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे बने हुए थे, और रात के समय इस इमारत के 'बी विंग' का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। गनीमत यह रही कि रात 8 से 9 बजे के बीच इमारत से आवाजें आने पर कुछ सतर्क लोगों ने कई परिवारों को पहले ही बाहर निकाल लिया था, वरना जनहानि का यह आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता था।

नगर निगम द्वारा पहले ही खतरनाक घोषित की गई थी इमारत, फिर भी रह रहे थे लोग

ठाणे नगर निगम (TMC) के आपदा प्रबंधन सेल से मिली जानकारी के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण इमारत को भिवंडी-निजामपुर नगर निगम द्वारा पहले ही 'खतरनाक' घोषित किया जा चुका था और यहां रहने वाले लोगों को नोटिस भी दिए गए थे, इसके बावजूद कई परिवार अपनी जान जोखिम में डालकर वहां निवास कर रहे थे। फिलहाल घटनास्थल पर एम्बुलेंस और जेसीबी मशीनें तैनात हैं और मलबे को हटाने का काम लगातार जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई और फंसा न रह जाए।

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