10 अगस्त तक चलेंगी बैठकें, जानिए भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को क्या सिखाएगी

पटना: भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन को वैचारिक और तकनीकी रूप से अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कार्यकर्ताओं के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की पहल की है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत अब तक राज्य भर के लगभग 60 हजार कार्यकर्ता डिजिटल माध्यम से अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं। प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने राज्य में एक लाख से अधिक कार्यकर्ताओं को इस आधुनिक शिक्षण प्रणाली से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए 2 से 4 अगस्त के दौरान बिहार के सभी 13 संगठनात्मक प्रमंडलों की पृथक-पृथक वर्चुअल बैठकें संचालित की जा रही हैं, जिसके उपरांत 5 से 10 अगस्त के मध्य राज्य के सभी 52 सांगठनिक जिलों की वर्चुअल समीक्षा बैठकें संपन्न होंगी। इन सम्मेलनों में मंडल स्तर के अध्यक्षों, महामंत्रियों, सात प्रमुख मोर्चों के पदाधिकारियों और जिला व प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ताओं की व्यापक भागीदारी रहेगी।

कार्यकर्ताओं के वैचारिक और तकनीकी सशक्तीकरण पर बल

आयोजन के दौरान बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष एवं प्रशिक्षण अभियान के प्रभारी मृत्युंजय झा ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह डिजिटल पहल महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, अपितु कार्यकर्ताओं के बौद्धिक, सांगठनिक और तकनीकी सशक्तीकरण का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को दल के गौरवशाली इतिहास, बुनियादी विचारधारा, कार्यशैली तथा केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की प्रामाणिक जानकारी प्रदान की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संगठन की नीतियों का प्रभावी ढंग से प्रतिनिधित्व करने योग्य बनाना है।

डिजिटल शिक्षण मॉड्यूल, मूल्यांकन परीक्षा और प्रमाण-पत्र व्यवस्था

प्रशिक्षण प्रक्रिया के स्वरूप की विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अध्ययन सामग्री के अंतर्गत भाजपा के इतिहास, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन दर्शन, केंद्र सरकार की उपलब्धियों तथा नमो ऐप के तकनीकी प्रयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित ऑडियो-विजुअल कंटेंट तैयार किया गया है। प्रशिक्षण सत्र के अंत में सभी प्रतिभागियों को एक ऑनलाइन मूल्यांकन परीक्षा में सम्मिलित होना अनिवार्य है, जिसके सफल समापन पर उन्हें डिजिटल प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक और सुव्यवस्थित व्यवस्था भाजपा की एक विशिष्ट संगठनात्मक पहचान है, जो कार्यकर्ताओं की कार्यकुशलता और वैचारिक परिपक्वता को बढ़ाती है।

सभी मोर्चों को मंडल और बूथ स्तर तक अभियान विस्तार का निर्देश

अभियान की व्यापकता को सुनिश्चित करने के संदर्भ में मृत्युंजय झा ने निर्देश दिया कि पार्टी के सभी संबंधित मोर्चे क्षेत्रीय और जिला स्तर पर नियमित वर्चुअल बैठकों की व्यवस्था करें। उन्होंने बिहार के कुल 1420 सांगठनिक मंडलों में सक्रिय मोर्चा पदाधिकारियों को इस प्रशिक्षण प्रक्रिया से जोड़कर उनके पंजीकरण और शिक्षण को शत-प्रतिशत पूरा कराने पर जोर दिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सतत संवाद और डिजिटल सम्मेलनों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि इस प्रशिक्षण अभियान को जमीनी बूथ स्तर तक सफलतापूर्वक पहुंचाया जा सके और प्रत्येक कार्यकर्ता जनसेवा के संकल्प के साथ समर्पित भाव से कार्य कर सके।

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