विमल कुमार मर्डर केस में नया मोड़, पत्नी के आरोपों से बढ़ा सियासी बवाल

पटना: डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विमल कुमार की निर्मम हत्या के विरोध में रविवार को प्रांतीय राजधानी पटना में प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का प्रचंड आक्रोश देखने को मिला। दिवंगत प्रशासनिक अधिकारी की अंतिम यात्रा के दौरान कार्यपालक अधिकारियों का समूह विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को लेकर राज्य सचिवालय की ओर कूच करना चाहता था, परंतु पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए गोला रोड स्थित कृष्णा चौक पर ही बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच तीखी बहस हुई, जिसके उपरांत आक्रोशित अधिकारी वहीं मुख्य मार्ग पर ही धरने पर बैठ गए और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

सचिवालय मार्च रोके जाने से उपजा आक्रोश, विभागीय मंत्री के खिलाफ नारेबाजी और वरिष्ठ अधिकारियों का वार्ता प्रयास

प्रशासनिक स्तर पर सचिवालय मार्च रोके जाने से क्षुब्ध होकर विरोध जता रहे कार्यपालक अधिकारियों ने सड़क पर ही डेरा डाल दिया और विभागीय मंत्री तथा व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पटना के उप विकास आयुक्त (DDC) तथा नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) संकेत कुमार भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे प्रतिनिधियों से वार्ता कर उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराने और उनका ज्ञापन उच्च अधिकारियों तक पहुँचाने का प्रयास किया, ताकि क्षेत्र में शांति और व्यवस्था कायम रखी जा सके।

आंदोलनकारी अधिकारियों ने उठाई पांच करोड़ मुआवजा, नौकरी, सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंस की प्रमुख मांगें

सड़क पर प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों ने राज्य सरकार के समक्ष अपनी मांगों को रखते हुए स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने मांग उठाई कि दिवंगत विमल कुमार के आश्रितों को 5 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाए, उनकी धर्मपत्नी को सरकारी सेवा में नियोजित किया जाए तथा क्षेत्र में कार्यरत सभी कार्यपालक अधिकारियों की जान-माल की सुरक्षा हेतु ठोस उपाय करते हुए उन्हें आत्मरक्षा के लिए अनिवार्य रूप से शस्त्र लाइसेंस निर्गत किए जाएं। अधिकारियों का तर्क था कि यदि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों का निर्भीक होकर काम करना असंभव हो जाएगा।

दानापुर आवास पर पसरा सन्नाटा, पत्नी द्वारा स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप एवं चालक की गिरफ्तारी

दूसरी ओर, दानापुर के गोला रोड टी-प्वाइंट स्थित गंगा कुटीर अपार्टमेंट में पार्थिव देह पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जहां परिजनों और शुभचिंतकों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। शनिवार की रात औरंगाबाद के बारुण थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात के बाद मृतक की पत्नी बबीता ने स्थानीय विधायक पर रंगदारी मांगने और निरंतर दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच व नार्को टेस्ट की मांग उठाई है। पुलिस प्रशासन ने मामले की प्राथमिक जांच के आधार पर गाड़ी के चालक को हिरासत में ले लिया है और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाकर कानूनी तफ्तीश आगे बढ़ाई जा रही है।

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