पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल दोषी करार, अदालत ने सुनाई 10 साल की सजा

पणजी (गोवा)। करीब 13 साल पुराने हाई-प्रोफाइल यौन उत्पीड़न मामले में तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने निचली अदालत के उस फैसले को पूरी तरह पलट दिया है, जिसमें तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने उन्हें महिला के साथ दुष्कर्म और उसकी अस्मिता को ठेस पहुंचाने का कसूरवार ठहराया है।
कोर्ट का सख्त रुख और कानूनी धाराएं
न्यायमूर्ति नीला गोखले और न्यायमूर्ति अमित जामसंडेकर की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए तेजपाल को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(f) (अधिकार या विश्वास के पद का दुरुपयोग कर दुष्कर्म), 354(A) (यौन उत्पीड़न) और 354(B) (महिला को विवस्त्र करने के इरादे से हमला) के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है, हालांकि सजा की अंतिम अवधि पर कानूनी प्रक्रिया जारी है।
राजनीतिक बदले का आरोप, शीर्ष अदालत जाने की तैयारी
अदालत के इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए तरुण तेजपाल ने इसे अपने खिलाफ राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "हम इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। तहलका की निष्पक्ष पत्रकारिता की वजह से मुझे पिछले 13 सालों से निशाना बनाया जा रहा है। हमने निचली अदालत में साढ़े सात साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी और निर्दोष साबित हुए थे। मुझे देश की शीर्ष न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि वहां सच की जीत होगी।"
राज्य सरकार और जांच टीम ने बताया न्याय की जीत
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने हाईकोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे राज्य पुलिस और अभियोजन पक्ष की मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस संवेदनशील मामले में लगातार न्याय की पैरवी की थी।
वहीं, मामले की मुख्य जांच अधिकारी सुनीता सावंत ने कहा कि पुलिस ने शुरुआती स्तर से ही सभी सबूतों को मजबूती से अदालत के सामने रखा था। ट्रायल कोर्ट साक्ष्यों का सही मूल्यांकन नहीं कर सका था, लेकिन उच्च न्यायालय ने तथ्यों को समझकर बरी करने के आदेश को खारिज कर दिया।
क्या था पूरा घटनाक्रम?
यह पूरा मामला नवंबर 2013 का है, जब गोवा में आयोजित 'थिंकफेस्ट' कार्यक्रम के दौरान तहलका की ही एक जूनियर महिला पत्रकार ने तरुण तेजपाल पर होटल की लिफ्ट में यौन शोषण और दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए थे। इस शिकायत के आधार पर गोवा पुलिस ने 30 नवंबर 2013 को तेजपाल को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से यह मामला देशभर की सुर्खियों में बना हुआ है।
