सरकार को घेरने की तैयारी, विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की अहम बैठक शुरू होने वाली

नई दिल्ली| संसद के चल रहे मानसून सत्र को लेकर विपक्षी दलों ने अपनी रणनीति को और अधिक धार देनी शुरू कर दी है। दोनों सदनों के विपक्षी फ्लोर लीडर्स (संसदीय दल के नेता) ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के चैंबर में एक अहम बैठक की है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सत्र के आगामी और शेष दिनों के लिए सदन के भीतर तथा बाहर सरकार को घेरने की संयुक्त रणनीति तैयार करना है। इस उच्चस्तरीय बैठक के तुरंत बाद, विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार पर इकट्ठा होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करने का कार्यक्रम तय किया है।
किन दो मुख्य मुद्दों पर हमलावर है विपक्ष?
विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों में मुख्य रूप से दो प्रमुख मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाए हुए हैं:
20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई: विपक्षी दल 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए कथित बल प्रयोग (लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल आदि) को लेकर बेहद मुखर हैं। वे देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में सदन के पटल पर स्पष्ट बयान और जवाब देने की मांग कर रहे हैं।
राम मंदिर चंदा घोटाला विवाद: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर के निर्माण के लिए मिले गुप्त दान, चंदे और चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं व गबन की खबरों को लेकर भी विपक्ष सरकार को लगातार घेर रहा है।
आज लोकसभा में क्या है विधायी कामकाज?
आज लोकसभा की कार्यसूची में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर विचार करने और उन्हें पारित कराने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है:
आज लोकसभा में 'सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026' और 'अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' पर चर्चा कर उन्हें पारित कराने की सूची है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी इन विधेयकों को सदन में पेश करेंगे।
इसके अलावा, कुछ महत्वपूर्ण निजी सदस्यों के विधेयक भी पेश हो सकते हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास, उनकी संपत्तियों की सुरक्षा और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने से जुड़ा एक विशेष विधेयक पेश कर सकते हैं।
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल देश के तटीय राज्यों के मछुआरों के कल्याण और उनकी सुरक्षा से जुड़ा निजी विधेयक लाएंगे, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेंहदी जम्मू-कश्मीर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) से जुड़ा संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी में हैं।
लोकसभा में एफसीआरए (FCRA) पर हो सकती है चर्चा
तमाम हंगामों, गतिरोध और तीखे विरोध प्रदर्शनों के बावजूद सरकार संसद में 'विदेशी अंशदान (नियमन) संशोधन विधेयक, 2026' (FCRA) पर चर्चा करा सकती है। इससे पहले बीते गुरुवार को लोकसभा ने 'कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026' को सफलतापूर्वक पारित कर दिया था, जिस पर आज भी राजनीतिक सरगर्मी बनी रहने की पूरी संभावना है।
