MP कांग्रेस में कल अहम बैठक, दतिया चुनाव के नतीजे के बाद लिया जा सकता है बड़ा एक्शन

भोपाल| मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में शानदार जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस पार्टी की पहली पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की बैठक राजधानी भोपाल में आयोजित होने जा रही है। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले पार्टी के भीतर सियासी हलचल और अंदरूनी कलह तेज हो गई है। बैठक का कोई स्पष्ट एजेंडा तय न होने के कारण नेताओं के बीच नाराजगी सामने आ रही है, जिसके चलते कल होने वाली इस बैठक में जमकर हंगामे के पूरे आसार हैं। इस बैठक में मुख्य रूप से चुनाव के दौरान पार्टी के भीतर कथित भितरघातियों पर सख्त कार्रवाई, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और उनके परिवार के खिलाफ हो रही पुलिसिया कार्रवाई समेत कई गरमागरम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

बिना एजेंडा बैठक बुलाए जाने पर नेताओं की नाराजगी

दतिया उपचुनाव में मिली जीत से भले ही कांग्रेस खेमे में उत्साह का माहौल हो, लेकिन पार्टी की आंतरिक सियासत एक बार फिर उफान पर है। 11 अगस्त को होने वाली इस बैठक को लेकर नेताओं के सुर अलग-अलग सुनाई दे रहे हैं। इससे पहले भी पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की दो बैठकें बिना किसी निर्धारित एजेंडे के हो चुकी हैं, जिसमें जीतू पटवारी की उपस्थिति को लेकर भी कुछ असंतुष्ट नेताओं ने सवाल उठाए थे। नेताओं की प्रमुख मांग है कि जिन लोगों ने पिछले चुनावों में पार्टी को भीतर से नुकसान पहुंचाया है, उन पर त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस पार्टी दतिया चुनाव के बाद राजेंद्र भारती को पहले ही निष्कासित कर चुकी है, ऐसे में अन्य बागियों पर भी गाज गिरने की मांग जोर पकड़ रही है।

कमलनाथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे, बीजेपी ने कसा तंज

इस उच्च स्तरीय बैठक में कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इसमें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं रहेंगे। उनके कार्यालय की ओर से यह साफ किया गया है कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़ेंगे। वहीं, नकुलनाथ की मौजूदगी को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस की इस अंदरूनी खींचतान पर चुटकी लेते हुए निशाना साधा है। बीजेपी का कहना है कि दतिया की जीत का जश्न मनाने के बजाय कांग्रेस में आपसी गुटबाजी और कलह खुलकर सामने आ रही है।

संगठन और नेतृत्व के सामने कड़ी चुनौती

दतिया जीत के बाद कांग्रेस इसे पार्टी के लिए एक संजीवनी मान रही है, लेकिन जीत के तुरंत बाद संगठन में कसावट और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग ने नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिना एजेंडे की बैठक, भितरघातियों पर कार्रवाई का दबाव और एक धड़े की नाराजगी कल की बैठक के मुख्य केंद्र बिंदु रहेंगे। अब देखने वाली बात यह होगी कि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की यह बैठक कांग्रेस के भीतर चल रहे गतिरोध को समाप्त कर पाती है या फिर पार्टी के अंदर एक नए विवाद को जन्म देती है।

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