सुपरवाइजर की हत्या से मचा हड़कंप, कारीगर पर वारदात को अंजाम देने का आरोप

लोनी: गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र स्थित आई-28 गार्मेंट फैक्ट्री में सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे सोते हुए सुपरवाइजर की एक सिलाई कारीगर ने कैंची से गोदकर हत्या कर दी। फैक्ट्री के अन्य कर्मचारी जब मौके पर पहुंचे तब इस दर्दनाक घटना का पता चला। परिजनों के अनुसार, एंबुलेंस मिलने में देरी के चलते घायल को करीब 40 मिनट बाद अस्पताल पहुंचाया जा सका, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कारीगर फैक्ट्री से फरार होने में कामयाब रहा। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और मृतक के परिजनों की शिकायत पर ट्रोनिका सिटी थाने में आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सोते वक्त लहूलुहान मिला सुपरवाइजर
मूलरूप से रामपुर-मुरादाबाद के गांव करैथी निवासी 42 वर्षीय अनवेश पुत्र रामकिशन सक्सेना लोनी की पुष्प गार्डन सोम बाजार कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहते थे। वह ट्रोनिका सिटी स्थित गारमेंट फैक्ट्री में सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत थे। उनके परिवार में पत्नी कुसुम और तीन बेटे शिवम, प्रिंस व विनीत हैं। मृतक के भाई राजेश भी उसी फैक्ट्री में काम करते हैं। राजेश ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब दो बजे उन्होंने अनवेश के साथ बैठकर खाना खाया था। इसके बाद अनवेश नीचे के फ्लोर पर आराम करने चले गए थे और वह खुद काम के सिलसिले में ऊपर चले गए थे। कुछ देर बाद जब फैक्ट्री का एक अन्य कर्मचारी कमरे में पहुंचा, तो उसने अनवेश को खून से लथपथ जमीन पर पड़ा देखा।
काम को लेकर थी पुरानी रंजिश
घटना की सूचना मिलने पर एसीपी लोनी रामकिशन और स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान फैक्ट्री के सुरक्षा गार्ड ने पुलिस को जानकारी दी कि एटा निवासी कारीगर सर्वेश का हाथ खून से सना हुआ था। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने हाथ में कैंची लगने और इलाज के बहाने बाहर जाने की बात कही थी।
मृतक के भाई राजेश का आरोप है कि आरोपी सर्वेश काम से जी चुराता था, और अनवेश अक्सर उसे काम करने के लिए टोकते थे। इसी बात को लेकर आरोपी रंजिश मान बैठा था। घटना से ठीक पहले भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद सोते समय इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
समय पर एंबुलेंस मिलती तो बच सकती थी जान
परिजनों का यह भी आरोप है कि यदि समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो शायद अनवेश की जान बचाई जा सकती थी। घटना के तुरंत बाद जब एंबुलेंस के लिए फोन किया गया, तो या तो कॉल कनेक्ट नहीं हुई या फिर एंबुलेंस करीब 40 मिनट की देरी से पहुंची। फिलहाल, पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और हत्या के असल कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।
