कच्चा तेल 91 डॉलर के पार पहुंचा, क्या बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई है। अमेरिका और ईरान के बीच नए समझौते की उम्मीदें धूमिल होने के कारण कच्चे तेल के दामों में यह उछाल आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अंतरिम शांति समझौते को आगे बढ़ाने में रुचि न दिखाने के बाद मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल महंगा होने के बावजूद भारत में फिलहाल ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है।
Crude Oil के ताजा भाव
अमेरिकी WTI क्रूड: सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर यह करीब 0.65% की तेजी के साथ 85.04 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
ब्रेंट क्रूड: इसके दाम 0.45% की बढ़त के साथ 91.30 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करते दिखे।
18 अगस्त को प्रमुख शहरों में Petrol-Diesel के दाम
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| नई दिल्ली | ₹102.12 | ₹95.20 |
| कोलकाता | ₹113.51 | ₹99.82 |
| मुंबई | ₹111.21 | ₹97.83 |
| चेन्नई | ₹107.76 | ₹99.55 |
| गुरुग्राम | ₹102.97 | ₹95.64 |
| नोएडा | ₹101.96 | ₹95.44 |
| बेंगलुरु | ₹111.68 | ₹99.56 |
| भुवनेश्वर | ₹108.97 | ₹100.68 |
| चंडीगढ़ | ₹101.54 | ₹89.47 |
| हैदराबाद | ₹115.69 | ₹103.82 |
| जयपुर | ₹112.66 | ₹97.78 |
| लखनऊ | ₹101.86 | ₹95.36 |
| पटना | ₹113.37 | ₹99.36 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹115.49 | ₹104.40 |
महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल
भारत अपनी कच्चे तेल की कुल जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में यदि क्रूड लंबे समय तक महंगा रहता है, तो देश का आयात बिल बढ़ने के साथ-साथ घरेलू स्तर पर महंगाई का दबाव भी बढ़ सकता है। इससे भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। ईंधन के खुदरा मूल्य केंद्र व राज्य सरकारों के टैक्स, रिफाइनिंग मार्जिन, ढुलाई लागत और रुपये के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर पर निर्भर करते हैं।
क्रूड ऑयल में तेजी के मुख्य कारण
अमेरिका-ईरान तनाव: दोनों देशों के बीच नए समझौते की संभावनाओं के कमजोर होने और जून में हुआ 60 दिन का समझौता समाप्त होने से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अनिश्चितता: इस प्रमुख समुद्री मार्ग से तेल की आवाजाही को लेकर बनी अनिश्चितता और व्यवधान की आशंका सीधे तौर पर कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना रही है।
