नागौर जिला अस्पताल में दर्दनाक हादसा, वॉशरूम में गिरा सहारा और मरीज की मौत

नागौर। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले नागौर स्थित राजकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू जिला चिकित्सालय के आईसीयू में भर्ती एक गंभीर मरीज की वॉशरूम में हादसे के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मरीज को वॉशरूम जाते समय अस्पताल के स्टाफ से कोई सहायता नहीं मिली और वॉशरूम में सहारा लेते समय यूरिनल के पास लगा पत्थर टूटकर उनके ऊपर गिर गया। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया और दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आईसीयू में भर्ती मरीज के साथ घटित हुआ हादसा
खींवसर उपखंड के चावंडिया गांव निवासी सुखाराम मेघवाल को दिल का दौरा पड़ने के कारण देर रात जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, सुबह जब सुखाराम वॉशरूम गए तो बीमारी के कारण संतुलन न बनने पर उन्होंने यूरिनल के पास लगे ढांचे का सहारा लेने का प्रयास किया। इसी दौरान पत्थर का हिस्सा टूटकर उनके ऊपर गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड के गंभीर मरीज को वॉशरूम ले जाते समय अटेंडेंट या नर्सिंग स्टाफ की मदद दी जानी चाहिए थी।
परिजनों का प्रदर्शन और सांसद बेनीवाल का हस्तक्षेप
मृतक सुखाराम अपने परिवार में अकेले कमाने वाले व्यक्ति थे और अपने पीछे दो छोटे बेटों तथा दो बेटियों को छोड़ गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही समाज के लोग और परिजन अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए। परिजनों और स्थानीय समाजसेवियों ने पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता, संविदा पर नौकरी और लापरवाह स्टाफ पर दंडात्मक कार्रवाई होने तक शव उठाने से साफ मना कर दिया है। इस बीच, नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी इस घटना को स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी चूक करार देते हुए जिला कलेक्टर से वार्ता कर परिजनों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने को कहा है।
प्रशासनिक आश्वासन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों से ज्ञापन प्राप्त किया है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने आश्वस्त किया है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी व प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल मृतक का शव अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। इस दुखद हादसे ने आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों की सुरक्षा, देखरेख और अस्पतालों के इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
