चित्तौड़गढ़ में खूनी पारिवारिक कलह, पति ने पत्नी की जान ली तो बेटे ने पिता को उतारा मौत के घाट

चित्तौड़गढ़: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार थाना अंतर्गत सुवाणियां गांव में सोमवार देर रात पारिवारिक रंजिश ने एक बेहद खौफनाक और खूनी रूप ले लिया। मामूली विवाद के बाद उपजे तगड़े झगड़े में एक पति ने अपनी ही पहली पत्नी को गोली मारकर मौत के सुला दिया। अपनी आँखों के सामने माँ की निर्मम हत्या होते देख बेटे का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और उसने आवेश में आकर लाठी से ताबड़तोड़ वार कर अपने ही पिता की भी मौके पर जान ले ली। इस दौरान बीच-बचाव करने आई मृतक की तीसरी पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक हालत में उदयपुर रेफर किया गया है।

क्या है पूरा घटनाक्रम?

गंगरार के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) उदय सिंह ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के भैरूसिंहजी का खेड़ा निवासी भगवाना कालबेलिया ने अपने जीवन में तीन शादियां की थीं। उसकी पहली और दूसरी पत्नी पैतृक गांव भैरूसिंहजी का खेड़ा में ही निवास करती थीं। वहीं, भगवाना पिछले कुछ समय से अपनी तीसरी पत्नी तारा के साथ सुवाणियां गांव में नदी के किनारे स्थित एक खेत पर मचान या झोपड़ी बनाकर रहता था और वहीं खेती तथा पशुओं की रखवाली का काम करता था।

गोली लगते ही हुई पहली पत्नी की मौत

सोमवार की रात लगभग 9 बजे भगवाना अपनी तीसरी पत्नी तारा और कुछ अन्य परिचितों के साथ खेत पर बैठा हुआ था। इसी दौरान उसकी पहली पत्नी भोमली, दूसरी पत्नी लाडू और भोमली का जवान बेटा अनिल अचानक वहां आ धमके। वे सब भगवाना पर वापस पैतृक गांव लौटने का दबाव बनाने लगे। देखते ही देखते यह पारिवारिक चर्चा तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज में तब्दील हो गई।

गुस्से से आगबबूला होकर भगवाना ने अपने पास रखी अवैध या लाइसेंसी बंदूक निकाली और ताबड़तोड़ फायर कर दिया। यह गोली सीधा उसकी पहली पत्नी भोमली को जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

बेटे ने पिता को उतारा मौत के घाट, तीसरी पत्नी घायल

अपनी आँखों के सामने माँ की हत्या होते देख बौखलाए बेटे अनिल का गुस्सा फूट पड़ा। उसने पास ही पड़ी एक भारी लाठी उठाई और आव देखा न ताव, अपने पिता भगवाना के सिर पर ताबड़तोड़ कई प्रहार कर दिए। गंभीर चोटें लगने के कारण भगवाना भी खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी भी सांसें थम गईं।

इसके बाद गुस्से में अंधे हो चुके अनिल ने बीच-बचाव करने आई भगवाना की तीसरी पत्नी तारा पर भी लाठी से हमला कर दिया, जिससे वह भी बुरी तरह जख्मी हो गई। इस दोहरे हत्याकांड (Double Murder) से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुँची और हालात का जायजा लिया।

पुलिस जांच और एफएसएल (FSL) की कार्रवाई

पुलिस उपाधीक्षक उदय सिंह ने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते यह वीभत्स दोहरे हत्याकांड की वारदात हुई है। पुलिस ने मृतक भगवाना और उसकी पहली पत्नी भोमली दोनों के शवों को कब्जे में लेकर चित्तौड़गढ़ जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। हमले में गंभीर रूप से घायल हुई तीसरी पत्नी तारा को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत उदयपुर रेफर कर दिया है। एहतियात के तौर पर घटनास्थल और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

पुलिस ने घटनास्थल को पूरी तरह से सील कर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने वहाँ से खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की तरफ से लिखित शिकायत मिलने के बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। पुलिस इस डबल मर्डर केस के हर एक पहलू और एंगल से गहराई से छानबीन कर रही है।

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