बेडरूम में गलत जगह लगा आईना बिगाड़ सकता है नींद और घर का माहौल, वास्तु एक्सपर्ट से जानिए कौन सी दिशा है सही

बेडरूम घर की वह जगह है जहां दिनभर की भागदौड के बाद व्यक्ति आराम करता है और अगले दिन के लिए खुद को तैयार करता है. इसलिए कमरे में बेड से लेकर अलमारी और दूसरी चीजों की जगह का चुनाव भी सोच-समझकर किया जाता है. इन्हीं चीजों में आईना भी शामिल है. आमतौर पर लोग बेडरूम में आईना वहां लगा देते हैं जहां तैयार होते समय आसानी से खुद को देखा जा सके, लेकिन वास्तु शास्त्र में आईने की जगह और दिशा को लेकर कुछ खास मान्यताएं बताई गई हैं. वास्तु और ज्योतिष एक्सपर्ट अर्चना गोयल के अनुसार आईना ऊर्जा को रिफ्लेक्ट करता है, इसलिए बेडरूम में इसे लगाते समय इसकी दिशा और इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सोते समय व्यक्ति का प्रतिबिंब उसमें दिखाई न दे.
वास्तु मान्यताओं के अनुसार बेड के ठीक सामने आईना होने को अच्छा नहीं माना जाता. इसे नींद में परेशानी, बेचैनी और कमरे के माहौल में असंतुलन जैसी समस्याओं से जोडकर देखा जाता है. ऐसे में अगर आपके बेडरूम में भी आईना बेड के ठीक सामने लगा हुआ है, तो वास्तु के अनुसार उसकी जगह बदलने पर विचार किया जा सकता है. आइए वास्तु और ज्योतिष एक्सपर्ट अर्चना गोयल से जानते हैं कि बेडरूम में आईना कहां लगाना बेहतर माना जाता है और किन जगहों पर इसे लगाने से बचने की सलाह दी जाती है.
नींद पर पड सकता है असर
वास्तु मान्यताओं में बेड के सामने लगे आईने को नींद में बार-बार खलल, बेचैनी और सुबह उठने के बाद भी थकान महसूस होने जैसी स्थितियों से जोडकर देखा जाता है. हालांकि इन समस्याओं के कई शारीरिक, मानसिक और लाइफस्टाइल से जुडे कारण भी हो सकते हैं. इसलिए नींद से जुडी परेशानी लगातार बनी रहे तो उसे केवल वास्तु से जोडकर नहीं देखना चाहिए. वास्तु के नजरिए से देखें तो बेडरूम को शांत और आरामदायक रखने के लिए ऐसी चीजों की जगह पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है जो सोते समय ध्यान भटका सकती हैं. आईना भी इन्हीं में से एक माना जाता है.
रिश्तों पर भी असर की है मान्यता
वास्तु शास्त्र में बेड के सामने आईना होने को पति-पत्नी के रिश्ते के लिए भी अनुकूल नहीं माना जाता. मान्यता है कि आईने में बेड और उस पर सोने वाले लोगों का प्रतिबिंब दिखाई देने से रिश्ते में तनाव या गलतफहमियां बढ सकती हैं. यह वास्तु से जुडी मान्यता है और इसका वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. फिर भी वास्तु में विश्वास रखने वाले लोग बेडरूम में आईना लगाते समय इस बात का खास ध्यान रखते हैं कि बेड का प्रतिबिंब उसमें न आए.
बेडरूम में आईना लगाने की सही दिशा क्या है?
वास्तु और ज्योतिष एक्सपर्ट अर्चना गोयल के अनुसार बेडरूम में आईना लगाने के लिए उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार को बेहतर माना जाता है. वास्तु में इन दिशाओं को सकारात्मक ऊर्जा से जोडकर देखा जाता है. इसलिए अगर कमरे की बनावट अनुमति देती है तो आईने के लिए इन दिशाओं का चुनाव किया जा सकता है. हालांकि केवल दिशा देखकर आईना न लगाएं. सबसे पहले यह देखें कि उस जगह आईना लगाने के बाद बेड का प्रतिबिंब उसमें दिखाई तो नहीं दे रहा है. अगर उत्तर या पूर्व की दीवार पर आईना लगाने के बावजूद उसमें सोते हुए व्यक्ति का प्रतिबिंब आता है तो उसकी जगह में बदलाव करना बेहतर माना जाता है.
दक्षिण और पश्चिम दिशा में आईना लगाने से बचें
वास्तु मान्यताओं के अनुसार दक्षिण और पश्चिम दिशा की दीवार पर आईना लगाने को ज्यादा अनुकूल नहीं माना जाता. इसलिए अगर कमरे में दूसरी जगह उपलब्ध है तो उत्तर या पूर्व दिशा को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है. कई बार बेडरूम की बनावट ऐसी होती है कि आईना किसी दूसरी दिशा में ही लगाया जा सकता है. ऐसी स्थिति में सबसे अहम बात यह रखी जा सकती है कि आईना सीधे बेड को रिफ्लेक्ट न करे. कमरे में आईने की जगह ऐसी हो जहां तैयार होते समय उसका आसानी से इस्तेमाल भी किया जा सके.
बेड के ऊपर आईना लगाना भी माना जाता है गलत
आजकल बेडरूम को स्टाइलिश बनाने के लिए बेड के पीछे या ऊपर की दीवार पर मिरर डिजाइन लगाने का चलन भी देखने को मिलता है. वास्तु के अनुसार बेड के ठीक ऊपर आईना लगाने से बचना चाहिए. अर्चना गोयल के अनुसार बेडरूम में आईने की ऐसी स्थिति सही नहीं मानी जाती. अगर कमरे को सजाने के लिए मिरर वर्क करवाना चाहते हैं तो ऐसी दीवार चुनना बेहतर माना जाता है जहां आईना सीधे बेड के ऊपर न हो और उसमें सोते समय आपका प्रतिबिंब भी दिखाई न दे.
जगह बदलना संभव न हो तो क्या करें?
कई घरों में अलमारी के दरवाजे पर पहले से ही आईना लगा होता है और अलमारी सीधे बेड के सामने होती है. किराए के घर में रहने वाले लोगों के लिए उसकी जगह बदलना भी आसान नहीं होता. ऐसी स्थिति में वास्तु मान्यताओं के अनुसार रात में आईने को पर्दे या साफ कपडे से ढका जा सकता है. सुबह तैयार होते समय इसे खोलें और रात में सोने से पहले दोबारा ढक दें. इससे बिना अलमारी या आईने की जगह बदले वास्तु से जुडी इस मान्यता का पालन किया जा सकता है.
टूटा या धुंधला आईना बेडरूम में न रखें
वास्तु और ज्योतिष एक्सपर्ट अर्चना गोयल के अनुसार बेडरूम में टूटा हुआ, किनारे से चटका या बहुत धुंधला आईना रखने से भी बचना चाहिए. वास्तु में टूटे आईने को नकारात्मकता से जोडकर देखा जाता है. इसके अलावा रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिहाज से भी साफ और सही हालत वाला आईना बेहतर रहता है. अगर आईना पुराना होकर धुंधला हो गया है या उसका कोई हिस्सा टूट चुका है तो उसे बदलना बेहतर विकल्प हो सकता है. साथ ही आईने को नियमित रूप से साफ रखें, ताकि कमरे का लुक भी साफ-सुथरा दिखाई दे.
आईने का आकार भी रखें सामान्य
बेडरूम में जरूरत से ज्यादा बडा आईना लगाने के बजाय कमरे के आकार और जरूरत के अनुसार आईना चुनना बेहतर माना जाता है. वास्तु मान्यताओं में भी बहुत बडे आईने से बचने की सलाह दी जाती है. खासकर ऐसा आईना जो बेड या कमरे के ज्यादातर हिस्से को रिफ्लेक्ट करता हो, उसकी जगह सोच-समझकर तय करनी चाहिए. कुल मिलाकर वास्तु और ज्योतिष एक्सपर्ट अर्चना गोयल के अनुसार बेडरूम में आईना लगाते समय उत्तर या पूर्व दिशा को बेहतर माना जाता है. सबसे जरूरी बात यह है कि आईना सीधे बेड के सामने या उसके ऊपर न हो और सोते समय व्यक्ति का प्रतिबिंब उसमें दिखाई न दे. अगर आईने की जगह बदलना संभव नहीं है तो रात में उसे ढकने का तरीका अपनाया जा सकता है.
