मध्यप्रदेश में फिर बरसेंगे बादल, 12 जिलों में IMD का अलर्ट जारी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियों ने एक बार फिर से तेजी पकड़ ली है, जिससे राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। खासतौर पर टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर जिलों में सबसे अधिक असर देखने को मिल सकता है, जहाँ आगामी 24 घंटों के भीतर 4 से 8 इंच तक मूसलाधार बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।
जबलपुर सहित 12 जिलों में तेज बारिश का अनुमान
जबलपुर समेत राज्य के 12 अन्य जिलों में भी ढाई से चार इंच तक तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार हो रही बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने और नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम लोगों को अलर्ट रहने और मौसम से जुड़ी जानकारियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में अलर्ट जारी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मानसूनी तंत्र का सबसे व्यापक प्रभाव पूर्वी मध्य प्रदेश में देखने को मिलेगा। विभाग ने 20 अगस्त के लिए पूर्वी हिस्से में ऑरेंज अलर्ट और पश्चिमी मध्य प्रदेश में यलो अलर्ट जारी किया है। इसके बाद 21 अगस्त को पूरे प्रदेश के लिए यलो अलर्ट जारी रहेगा, जिस दौरान कहीं सामान्य तो कहीं भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
बरगी बांध के खोले गए 9 गेट
कैचमेंट एरिया और जबलपुर में हो रही निरंतर बारिश के कारण बरगी बांध का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिसे नियंत्रित करने के लिए बांध के 9 गेट खोल दिए गए हैं। गेट खोले जाने से नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ेगा, जिससे तटीय और निचले इलाकों में पानी का बहाव तेज हो सकता है। प्रशासन ने नदी के समीपवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।
