गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी पर असर का डर, MP में 25 लाख उपभोक्ताओं की e-KYC बाकी

भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (एलपीजी) इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 23 अगस्त की समय सीमा बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अब महज कुछ ही दिनों का समय बचा है। राज्य के कुल 1.25 करोड़ एलपीजी ग्राहकों में से लगभग 80 प्रतिशत यानी 1 करोड़ लोगों का सत्यापन हो चुका है, जबकि करीब 25 लाख उपभोक्ताओं की प्रक्रिया अभी बाकी है। राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां के 8 लाख उपभोक्ताओं में से करीब 1.28 लाख लोगों ने अब तक अपना ई-केवाईसी सत्यापन नहीं कराया है।
ई-केवाईसी न होने पर पड़ सकता है असर
तेल कंपनियां एसएमएस और अन्य माध्यमों से लगातार ग्राहकों को समय रहते सत्यापन पूरा करने का संदेश भेज रही हैं। हालांकि, ई-केवाईसी न कराने पर घरेलू सिलेंडर की सप्लाई बंद करने या व्यावसायिक दरें लागू करने संबंधी कोई लिखित निर्देश जारी नहीं हुआ है, लेकिन कुछ स्थानों पर बुकिंग में दिक्कतें और सिलेंडर न मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भारी अंतर होने के कारण यदि किसी का सत्यापन रुकता है, तो उसे मिलने वाली सरकारी सब्सिडी और घरेलू दरों की पात्रता प्रभावित हो सकती है।
सत्यापन के लिए तीन आसान विकल्प
गैस एजेंसियां और तेल कंपनियां ग्राहकों को ई-केवाईसी कराने के लिए तीन विकल्प दे रही हैं। उपभोक्ता घर बैठे संबंधित तेल कंपनी के मोबाइल ऐप (जैसे इंडियन ऑयल वन) के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन कर सकते हैं। इसके अलावा, आधार कार्ड और गैस कनेक्शन से जुड़े दस्तावेज लेकर अपनी नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर भी यह प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है। साथ ही, घर पर सिलेंडर देने आने वाले अधिकृत डिलीवरी कर्मचारी की मदद से भी बायोमेट्रिक सत्यापन का काम मिनटों में संपन्न किया जा सकता है।
