विराट कोहली को लेकर एबी डिविलियर्स का बड़ा दावा, सचिन तेंदुलकर से तुलना ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली: क्रिकेट जगत में सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली को इतिहास के महानतम बल्लेबाजों में शुमार किया जाता है। दोनों दिग्गजों ने अपने घरेलू मैदानों के साथ-साथ इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसी चुनौतीपूर्ण और तेज पिचों पर भी अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। इस बीच, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने दोनों महान बल्लेबाजों की तुलना करते हुए एक ऐसा बयान दिया है, जिसने क्रिकेट गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है।

सचिन और विराट की तुलना पर डिविलियर्स की राय

एबी डिविलियर्स ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सबसे पहले भारतीय उपमहाद्वीप के बल्लेबाजों को यह अटूट विश्वास दिलाया कि दुनिया की उछाल भरी और सीमिंग पिचों पर भी सफलतापूर्वक रन बनाए जा सकते हैं। हालाँकि, उनके मुताबिक विराट कोहली ने इस परंपरा और सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए इसे एक बिल्कुल अलग और ऊंचे स्तर पर पहुँचा दिया।

डिविलियर्स ने अपने एक वीडियो में कहा, 'जब मैं सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी के बारे में सोचता हूँ, तो उन्होंने भारत के लिए यह ट्रेंड काफी पहले शुरू किया था। हालांकि, वह शारीरिक रूप से विराट कोहली जितने आक्रामक या मजबूत नहीं थे, लेकिन सचिन पहले ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने दुनिया को दिखाया कि उपमहाद्वीप का बल्लेबाज विदेशी परिस्थितियों में भी शानदार प्रदर्शन कर सकता है। विराट ने इस विरासत को आगे बढ़ाया और सफलता के स्तर को और भी ऊपर कर दिया।'

भारतीय बल्लेबाजों की सोच में बदलाव

डिविलियर्स का मानना है कि विदेशी सरजमीं पर कोहली और सचिन की सफलता का सीधा असर आधुनिक भारतीय बल्लेबाजों की मानसिकता पर भी पड़ा है। इन दोनों दिग्गजों ने युवा पीढ़ी को विदेशों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल जैसे खिलाड़ी इसी ट्रेंड को आगे बढ़ा रहे हैं और उनके नक्शेकदम पर चल रहे हैं।

केएल राहुल को लेकर डिविलियर्स की सलाह

केएल राहुल के प्रदर्शन पर चर्चा करते हुए डिविलियर्स ने उनकी शानदार तकनीक की तारीफ की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि विदेशी परिस्थितियों में उनसे और अधिक प्रभावी प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है। उन्होंने बताया कि विदेशों में राहुल का टेस्ट औसत लगभग 34 के आसपास है, जो उनकी क्षमता के लिहाज से थोड़ा कम है।

डिविलियर्स ने कहा, 'केएल एक बेहतरीन तकनीक वाले खिलाड़ी हैं और भारतीय बल्लेबाजी क्रम के लिए एक बड़ी संपत्ति हैं। लेकिन विदेशी दौरों पर उनका औसत केवल 34 होना यह बताता है कि उनसे और ज्यादा उम्मीदें की जानी चाहिए। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर उन्हें काम करने की जरूरत है।' उन्होंने राहुल को बड़ी पारियों को और लंबा खींचने की सलाह देते हुए कहा कि जब वह क्रीज पर टिक जाएँ, तो उन्हें अपने स्कोर को बड़े शतकों में बदलना चाहिए, क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में नई गेंद और शुरुआती पलों का खतरा हमेशा बना रहता है।

आंकड़ों में दिग्गजों का सफर

  • सचिन तेंदुलकर: नवंबर 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले सचिन ने अपने ऐतिहासिक करियर में 200 टेस्ट मैचों में 15,921 रन बनाए, जो आज भी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। उनके कुल रनों का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा (8,705 रन) घर से बाहर आया है। SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में सचिन ने 63 टेस्ट मैचों में 51.30 की शानदार औसत से 5,387 रन बनाए, जिसमें 17 शतक और 23 अर्धशतक शामिल हैं।

  • विराट कोहली: आधुनिक युग के रन मशीन विराट कोहली ने 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रन बनाए हैं। भारत के बाहर उन्होंने 66 टेस्ट मैचों में 4,774 रन जोड़े हैं। SENA देशों में कोहली ने 46 टेस्ट मैचों में 42.08 की औसत से 3,661 रन बनाए हैं, जिसमें 12 शतक और 14 अर्धशतक दर्ज हैं।

हालाँकि आंकड़ों के लिहाज से सचिन विदेशों में ज्यादा सफल रहे हैं, लेकिन डिविलियर्स ने विराट कोहली के उस आक्रामक प्रभाव का जिक्र किया है, जिसने भारत को घर से बाहर एक मजबूत और आक्रामक टेस्ट टीम के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है।

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