आसमान में उड़ान के साथ करियर को दें नई ऊंचाई, कमर्शियल पायलट बनें

12वीं की परीक्षा पास करने के बाद छात्रों के सामने करियर को लेकर कई बेहतरीन विकल्प होते हैं। अगर आप पारंपरिक डिग्री कोर्स के बजाय कुछ अलग और कम समय में बेहतर शुरुआत करना चाहते हैं, तो कई ऐसे शॉर्ट टर्म और सर्टिफिकेट कोर्स हैं जिनमें शानदार कमाई के साथ-साथ अपार संभावनाएं भी मौजूद हैं। आज के समय में इन क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स की मार्केट में बहुत मांग है।
कमर्शियल पायलट
एविएशन सेक्टर में लगातार हो रही ग्रोथ को देखते हुए कमर्शियल पायलटों की मांग में भी तेजी से इजाफा हुआ है। यही वजह है कि भारत में कमर्शियल पायलट लाइसेंस लेने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस फील्ड में करियर बनाने के लिए किसी ट्रेडिशनल डिग्री की अनिवार्यता नहीं होती है। साइंस स्ट्रीम से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास करने वाले युवा कमर्शियल पायलट बन सकते हैं। इसके लिए अभ्यर्थियों को किसी मान्यता प्राप्त फ्लाइंग स्कूल में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट पास करना होता है और फिर तय प्रशिक्षण के बाद कमर्शियल पायलट का लाइसेंस प्राप्त करना होता है।
इंटीरियर डिजाइनर
इंटीरियर डिजाइनिंग का क्षेत्र आज के समय में बेहद लोकप्रिय और आकर्षक हो चुका है। इस फील्ड में आगे बढ़ने के लिए भी किसी डिग्री की विशेष आवश्यकता नहीं होती है। साइंस या किसी अन्य स्ट्रीम से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद युवा सीधे इंटीरियर डिजाइनिंग का शॉर्ट टर्म या डिप्लोमा कोर्स चुन सकते हैं। इस क्षेत्र में कुछ समय की इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करके आप अपना एक शानदार करियर बना सकते हैं और अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं।
ग्राफिक डिजाइनर
मौजूदा डिजिटल दौर में ग्राफिक डिजाइनर्स की मांग हर छोटे-बड़े उद्योग में तेजी से बढ़ रही है। इस फील्ड में स्किल्ड और पेशेवर अभ्यर्थियों को बेहद आकर्षक सैलरी पैकेज दिए जाते हैं। इस नौकरी को पाने के लिए भी आपको किसी लंबी डिग्री या डिप्लोमा की जरूरत नहीं होती है। ब्रांड आइडेंटिटी, डिजिटल डिजाइन, लोगो मेकिंग, फोटोग्राफी और वीडियो एडिटिंग जैसी विभिन्न व्यावसायिक जरूरतों के लिए ग्राफिक डिजाइनर्स की भारी मांग रहती है। ऐसे में उचित ट्रेनिंग और इंटर्नशिप के जरिए आप बहुत कम समय में इस क्षेत्र में आसानी से नौकरी पा सकते हैं।
