‘एक गोली मुझे मारो, फिर इनका एनकाउंटर’, BKU नेताओं ने SSP पर लगाए सनसनीखेज आरोप

मेरठ:मेरठ में किसान नेताओं के साथ कथित पुलिस अमानवीयता का गंभीर मामला सामने आया है। बीकेयू (बीआर आंबेडकर) के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने सपा विधायक अतुल प्रधान के मेरठ स्थित आवास पर अपनी व्यथा सुनाई। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी ने उनके साथ बेहद बर्बर व्यवहार किया, गंभीर चोटें पहुंचाईं और थाने के भीतर गानों पर नाचने के लिए मजबूर किया।
एसएसपी कार्यालय में अमानवीय व्यवहार का आरोप
किसान नेताओं ने बताया कि 19 अगस्त को वे ललिता गौतम हत्याकांड से जुड़े विरोध-प्रदर्शन के सिलसिले में सच बताने अधिकारी से मिलने पहुंचे थे। आरोप है कि वहां उन्हें बेरहमी से पीटा गया, आंखों पर जूते से प्रहार किया गया जिससे उनके दांत टूट गए। दिग्विजय भाटी ने दावा किया कि अधिकारी उनका एनकाउंटर करने की बात कह रहे थे। पिटाई के बाद एक थाना प्रभारी ने मोबाइल पर फिल्मी गाना बजाकर उनसे डांस करवाया।
पुलिस ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
मामला तूल पकड़ते ही मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर सफाई जारी की। पुलिस के अनुसार, दोनों व्यक्तियों का आपराधिक इतिहास रहा है और उन पर कई मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि दफ्तर से लौटते समय दोनों की स्कूटी फिसल गई थी, जिससे वे चोटिल हुए थे। इस संबंध में उनका लिखित पत्र भी थाने में दर्ज है। हालांकि, किसान नेताओं का कहना है कि उनसे जबरन कागजात पर हस्ताक्षर करवाए गए थे।
विधायक और विपक्षी दलों ने की कार्रवाई की मांग
सपा विधायक अतुल प्रधान ने पुलिस की इस कार्रवाई को चिंताजनक बताते हुए आरोपी अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना के सबूत दफ्तर में लगे सीसीटीवी कैमरों में मौजूद हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना को किसानों का अपमान करार देते हुए कड़ी निंदा की है।
मामले की जांच जारी
शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने माना कि कार्यालय में वार्ता के दौरान विवाद हुआ था। घटना की गंभीरता को देखते हुए सहारनपुर के डीआईजी को जांच सौंपी गई है, जो मेरठ पहुंचकर पूरे प्रकरण की बिंदुवार जांच कर रहे हैं।
