डीसीपी विक्रम कपूर आत्महत्या मामला: हनीट्रैप में फंसाकर एसएचओ 2 करोड़ मांग रहा था

फरीदाबाद के डिप्टी पुलिस कमिश्नर (DCP) विक्रम कपूर की आत्महत्या की जांच के दौरान पता चला है कि उन्हें भुपानी पुलिस स्टेशन के एसएचओ अब्दुल शाहिद द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा था. बताया जा रहा है कि डिप्टी पुलिस कमिश्नर को हनीट्रैप किया गया था और उन्हें एक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करते हुए एसएचओ अब्दुल शाहिद उनसे 2 करोड़ रुपयों की मांग कर रहा था. बता दें कि पुलिस कमिश्नर ने पुलिस लाइन स्थित अपने आवास पर अपने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर जान दे दी थी. इस घटना के बाद ही एसएचओ अब्दुल शाहिद को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया था. घटना की जांच कर रही पुलिस को घटनास्थल से एक नोट मिला था जिसमें लिखा हुआ था – '' मैं ऐसा इंस्पेक्टर अब्दुल की वजह से कर रहा हूं … वह मुझे ब्लैकमेल कर रहा था – विक्रम '' शुक्रवार को एसएचओ अब्दुल शाहिद को नौकरी से सस्पेंड कर दिए जाने के बाद उसे स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया. यहां से उसे चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

एसएचओ ने महिला मित्र और रिपोर्टर का इस्तेमाल किया

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसएचओ ने अपनी एक महिला मित्र के जरिए डीसीपी को हनीट्रैप किया था. महिला ने डीसीपी के साथ खुद का वीडियो शूट कर लिया था. फिर एसएचओ इसी वीडियो के जरिए डीसीपी को ब्लैकमेल करने लगा था. डीसीपी से एसएचओ 2 करोड़ रुपयों की मांग कर रहा था. लेकिन डीसीपी इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ थे. डीसीपी खुद को बख्श दिए जाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे मगर एसएचओ उन्हें फोन पर भद्दी गालियां दिया करता था.

इतना ही नहीं डीसीपी पर और ज्यादा दबाव बनाने के लिए एसएचओ ने सतीश मलिक नामक एक रिपोर्टर को भी इस्तेमाल किया. 'मजदूर मोर्चा' का रिपोर्टर सतीश मलिक ने करीब दो माह पहले डीसीपी पर कुछ गंभीर आरोप लगाते हुए दो लेख छापे थे. छापी गई रिपोर्ट में डीसीपी विक्रम कपूर पर शराब माफिया के साथ गठजोड़ होने का आरोप लगाया गया था. जानकारी के अनुसार रिपोर्टर सतीश घटना के बाद से फरार चल रहा है.

'दी टाइम्स ऑफ इंडिया' में छपी खबर के अनुसार फरीदाबाद के पुलिस प्रवक्ता सुबे सिंह ने डीसीपी को ब्लैकमेल किए जाने के कारणों को विस्तार से नहीं बताया. उन्होंने कहा कि यह मामला एक सीनियर पुलिस अधिकारी से जुड़ा हुआ है. इसकी जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है. मामले की जांच की जा रही है. बता दें कि इस एसआईटी (अपराध) का नेतृत्व एसीपी अनिल यादव कर रहे हैं. उनकी टीम में सेक्टर 30 के इंस्पेक्टर इंचार्ज विमल राय, सब-इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार और सब-इंस्पेक्टर सतीश कुमार हैं.
 

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