हल छठ कब है? 3 शुभ योग में व्रत और पूजन, संतान के सुखी जीवन के लिए रखते हैं निर्जला उपवास

हल छठ हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाते हैं. यह जन्माष्टमी से दो दिन पहले आता है. हल छठ को हर छठ, ललई छठ, बलराम जयंती के नाम से भी जानते हैं. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का जन्म हुआ था. उनका शस्त्र हल है और षष्ठी तिथि को जन्म हुआ तो इस दिन को हल षष्ठी या हल छठ कहते हैं. इस दिन माताएं निर्जला व्रत और पूजन करती हैं, ताकि उनकी संतान सुखी और स्वस्थ रहें. जो नि:संतान हैं, वे संतान प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं. इस बार हल छठ पर 3 शुभ योग बन रहे हैं.
हल छठ 2026 तारीख हल षष्ठी
वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि 2 सितंबर को सुबह 6 बजकर 12 मिनट पर प्रारंभ होगी और 3 सितंबर को प्रात: 4 बजकर 25 मिनट पर खत्म होगी. सूर्योदय की तिथि के अनुसार, हल छठ या हल षष्ठी 2 सितंबर बुधवार को है.
3 शुभ योग में हल छठ
हल छठ के दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं. सबसे पहले ध्रुव योग प्रात:काल से लेकर रात 09 बजकर 12 मिनट तक रहेगा, उसके बाद से व्याघात योग बनेगा और पूरी रात तक रहेगा.
वहीं रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग मध्य रात्रि 01:43 ए एम से लेकर 3 सितंबर को सुबह 06:00 ए एम तक रहेगा. हल छठ पर भरणी नक्षत्र प्रात:काल से लेकर 3 सितंबर को 01:43 ए एम तक है.
हल छठ 2026 मुहूर्त
हल छठ का ब्रह्म मुहूर्त 04:29 ए एम से 05:14 ए एम तक है, लेकिन उस दिन कोई अभिजीत मुहूर्त नहीं है. हल छठ की पूजा प्रदोष काल में यानि सूर्यास्त के बाद की जाती है, लेकिन स्थान विशेष के आधार पर अलग-अलग मान्यताएं और परंपराएं हो सकती हैं, उसका पालन करें.
हल छठ पर सूर्यास्त 06:42 पी एम पर होगा. उसके तुरंत बाद प्रदोष काल प्रारंभ हो जाएगा. आप नीचे दिए गए शुभ चौघड़िया मुहूर्त को ध्यान में रखकर पूजा कर सकते हैं.
लाभ-उन्नति मुहूर्त: 05:59 ए एम से 07:35 ए एम
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 07:35 ए एम से 09:10 ए एम
शुभ-उत्तम मुहूर्त: 10:45 ए एम से 12:21 पी एम
चर-सामान्य मुहूर्त: 03:31 पी एम से 05:06 पी एम
लाभ-उन्नति मुहूर्त: 05:06 पी एम से 06:42 पी एम
हल छठ पर भद्रा और राहुकाल
हल छठ के दिन राहुकाल दोपहर में 12:21 पी एम से 01:56 पी एम तक रहेगा, वहीं भद्रा 3 सितंबर को 04:25 ए एम से लेकर 06:00 ए एम तक रहेगी. इसका वास स्वर्ग में होगा.
