35.80 लाख के लोन का फर्जीवाड़े का खुला राज, दो पर मुकदमा

अलीगढ़  । थाना गांधी पार्क के धनीपुर स्थित केनरा बैंक में 35.80 लाख रुपये के ऋण फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि बंधक रखी गई संपत्ति के बैनामे में हेराफेरी कर बैंक से तीन अलग-अलग ऋण स्वीकृत कराए गए। न्यायालय के आदेश पर गांधीपार्क थाने में एक महिला समेत दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। केनरा बैंक धनीपुर के शाखा प्रबंधक आलोक कुमार की शिकायत के अनुसार, सासनीगेट सब्जी मंडी निवासी आशा रानी अग्रवाल और सह-खातेदार भगवान स्वरूप अग्रवाल ने बैंक से 16 लाख रुपये का बंधक ऋण, 17 लाख रुपये की ओसीसी सीमा और 2.80 लाख रुपये का जीईसीएल ऋण लिया था। इसके लिए 146.50 वर्गमीटर की संपत्ति बैंक के पास बंधक रखी गई थी। समय पर किस्तें जमा नहीं होने पर 14 फरवरी 2025 को खाता एनपीए घोषित कर दिया गया। इसके बाद बैंक ने बंधक बैनामे की जांच कराई। उप निबंधक कार्यालय से सत्य प्रतिलिपि की जांच में बैनामे के पेज नंबर एक की लाइन नंबर छह में कथित हेराफेरी सामने आई। आरोप है कि मूल दस्तावेज में मौजूद न होने के बावजूद श्पतिवालीश् शब्द के बाद श्जयमंगलश् शब्द कूटरचित तरीके से जोड़ दिया गया। फर्जीवाड़े का पता चलने के बाद बैंक ने सरफेसी अधिनियम के तहत कार्रवाई की। 30 अगस्त 2025 को बंधक संपत्ति की ई-नीलामी कराई गई, जिससे बैंक को 22.88 लाख रुपये प्राप्त हुए। इसके बावजूद बैंक का 12.92 लाख रुपये बकाया है। सीओ धनंजय कुमार के अनुसार, न्यायालय के आदेश पर गांधीपार्क पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

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