भिवाड़ी में बिना लाइसेंस संचालित दवा गोदाम पर पूर्व कार्रवाई का अपडेट

जयपुर। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने जिला खैरथल-तिजारा के भिवाड़ी में बिना वैध लाइसेंस संचालित दवा गोदाम पर पूर्व में की गई कार्रवाई के संबंध में प्राप्त गुणवत्ता जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जब्त दवाओं के 18 नमूनों में से अब तक एक 16 सैंपल की जांच रिपोर्ट आ गई है,2 की रिपोर्ट आनी शेष है उन्होंने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में लगभग 1,500 कार्टन दवाइयां और अन्य सामग्री जब्त की गई थी। इनकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ रुपये थी। न्यायालय के आदेशानुसार जब्त सामग्री औषधि नियंत्रण अधिकारी की अभिरक्षा में रखी गई है ।

श्रीमती राठौड़ ने बताया कि कार्रवाई के दौरान विभिन्न निर्माताओं और विपणनकर्ताओं की दवाइयां मिली थीं। इनके गुणवत्ता परीक्षण के लिए 18 नमूने लिए गए। इसके अलावा, परिसर से टेपेंटाडोल, प्रेगाबालिन और कोट्रिमोक्साजोल आदि सक्रिय औषधीय घटक (एपीआई), पैकेजिंग सामग्री, पंचेज एंड डाइज तथा एक्सपायर्ड सिल्डेनाफिल टैबलेट्स भी जब्त की गई थीं। उन्होंने बताया कि राजकीय विश्लेषक, दवा परीक्षण प्रयोगशाला, जयपुर की जांच में 11 नमूने मानक गुणवत्ता के पाए गए, जबकि 5 नमूने अवमानक घोषित किए गए। अवमानक नमूनों में सिप्रोफ्लॉक्सासिन टैबलेट्स बीपी 500 मिलीग्राम, टेपेंटाडोल टैबलेट्स 225 मिलीग्राम, चकापेन एक्स्ट्रा—डाइक्लोफेनाक 50 मिलीग्राम और कैफीन 50 मिलीग्राम के दो बैच तथा मेडिकब-55—डाइक्लोफेनाक सोडियम 50 मिलीग्राम शामिल हैं। प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि इन दवाइयों के निर्माता कैंडोर हेल्थकेयर, लालड़ू (पंजाब); ओपल हेल्थकेयर, करनाल (हरियाणा); एलेक्सा फार्मास्यूटिकल्स, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) और यूनिशार्प ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, लालड़ू (पंजाब) पाए गए हैं। आयुक्तालय ने संबंधित निर्माताओं के स्तर पर विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

औषधि नियंत्रण आयुक्त निर्देशों के तहत श्री अविचल चतुर्वेदी में बताया कि संबंधित विनिर्माण इकाइयों में जांच के लिए टीमें भेजी गई हैं। जांच दल संबंधित बैचों के विनिर्माण अभिलेख, कच्चे माल, गुणवत्ता नियंत्रण अभिलेख, बैच निर्माण अभिलेख तथा वितरण और आपूर्ति शृंखला से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेंगे। यह भी देखा जाएगा कि दवाइयों का निर्माण, गुणवत्ता परीक्षण, भंडारण और वितरण निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप हुआ था या नहीं।

उन्होंने बताया कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट तहत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी दवाइयों की गुणवत्ता और बिना लाइसेंस दवा कारोबार के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों, संस्थानों और अन्य पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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