गणपति उत्सव में लालबागचा राजा के दरबार पहुंचे दिग्गज, अमित शाह से उद्धव ठाकरे तक मौजूद

मुंबई। गणेशोत्सव के पहले ही दिन मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दरबार में देश और महाराष्ट्र के कई दिग्गज नेताओं ने पहुंचकर गणपति बप्पा के दर्शन किए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने एक साथ लालबाग के राजा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान अमित शाह का पूरा परिवार भी मौजूद रहा। इसके अलावा मंत्री आशीष शेलार, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम और पूर्व सांसद राहुल शेवाले ने भी बप्पा के दर्शन किए। वहीं, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी पत्नी रश्मी ठाकरे और बेटे आदित्य ठाकरे के साथ लालबाग के राजा के दर्शन किए। ठाकरे परिवार ने श्रद्धापूर्वक गणराय की पूजा-अर्चना की। गणेशोत्सव के पहले दिन अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी ने लालबाग के राजा के दरबार को खास बना दिया।

96वें वर्ष में प्रवेश कर रहा लालबागचा राजा

लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल इस वर्ष अपना 96वां गणेशोत्सव मना रहा है। इस अवसर पर भव्य सजावट और धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक गतिविधियों पर भी विशेष जोर दिया गया है। इस वर्ष लालबाग के राजा के दरबार की केंद्रीय थीम ‘शिवशंकर’ रखी गई है। मंडप के प्रवेश द्वार से लेकर बप्पा के मुख्य सिंहासन तक कैलाश पर्वत और भगवान शिव से जुड़े प्रतीकों को सजावट में शामिल किया गया है। त्रिशूल, डमरू और विशाल नंदी की आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करा रही है।

पहले दिन से उमड़ा भक्तों का सैलाब

लालबाग के राजा की भव्य प्रतिमा के दर्शन के लिए गणेशोत्सव के पहले दिन से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बप्पा को स्वर्ण मुकुट और पीतांबर से सजाया गया है। उनके मनमोहक स्वरूप के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग रही हैं। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए मंडल की ओर से ‘चरण स्पर्श’ यानी नवस की कतार और मुखदर्शन की अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं। मंडप और आसपास के क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए पेयजल, विश्राम स्थल और चिकित्सा कक्ष की भी व्यवस्था की गई है। देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे ऑनलाइन लाइव दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

1934 में हुई थी लालबाग के राजा की स्थापना

लालबागचा राजा की स्थापना 1934 में हुई थी। बताया जाता है कि वर्तमान में जहां गणपति की स्थापना की जाती है, उस स्थान को लेकर कोली और अन्य व्यापारी समुदाय के लोगों ने मन्नत मांगी थी। उनकी मनोकामना पूरी होने के बाद वर्ष 1932 में वहां खुले में लगने वाला बाजार बंद हुआ और वर्तमान स्थान पर स्थायी बाजार का निर्माण किया गया। इसके बाद वर्ष 1934 में यहां लालबाग के राजा की स्थापना की परंपरा शुरू हुई, जो आज देश-दुनिया के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुकी है।

गीले कचरे से बनेगी बिजली

इस वर्ष मुंबई महानगरपालिका और लालबागचा राजा मित्र मंडल के संयुक्त सहयोग से ‘प्रसाद से ऊर्जा’ नामक सतत कचरा प्रबंधन परियोजना भी शुरू की गई है। गणेशोत्सव के दौरान उत्पन्न होने वाले गीले कचरे को मौके पर ही अलग किया जाएगा। इसके बाद बायो-मिथेनेशन प्रक्रिया के जरिए इस कचरे से बिजली का उत्पादन किया जाएगा। तैयार बिजली को महानगरपालिका के कस्तूरबा नायर और सायन अस्पतालों को उपलब्ध कराने की योजना है।

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