फर्जी पासपोर्ट केस में बड़ा एक्शन, अहमदाबाद से आरोपी गिरफ्तार

अहमदाबाद। गुजरात में अब कोई भी निजी संस्था, ट्रस्ट या व्यावसायिक फर्म केंद्र सरकार की पूर्व लिखित अनुमति के बिना अपने नाम में 'ब्यूरो', 'कमीशन', 'मंत्रालय', 'सेंटर', 'ऑल इंडिया', 'नेशनल' और 'भारतीय' जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी। यदि किसी संस्था को इन शब्दों का उपयोग करना है, तो उसे स्पष्ट रूप से यह उल्लेख करना होगा कि वह एक "निजी उपक्रम" है और उसका सरकार से कोई संबंध नहीं है।
सरकारी प्रतीकों व नामों के दुरुपयोग पर कसता शिकंजा
व्यावसायिक लाभ और आम नागरिकों को भ्रमित करने के लिए सरकारी नामों, पदों तथा राष्ट्रीय प्रतीकों का अनुचित प्रयोग करने वाली निजी संस्थाओं और एनजीओ के खिलाफ राज्य सरकार ने विशेष अभियान शुरू किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 'प्रतीकों और नामों (अनुचित उपयोग निवारण) अधिनियम, 1950' का कड़ाई से पालन कराने के लिए सभी विभागों और पंजीकरण अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
फर्जी दस्तावेज से दूसरा पासपोर्ट बनवाने वाला गिरफ्तार
गुजरात एटीएस (ATS) ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरा पासपोर्ट बनवाने के आरोप में अहमदाबाद के शाहीबाग निवासी हरीश प्राण कुमार पटेल को गिरफ्तार किया है।
अपराध का तरीका: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोर्ट द्वारा पासपोर्ट जब्त किए जाने के बाद आरोपी ने आगरा (यूपी) के पते पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और दिल्ली से दूसरा पासपोर्ट हासिल कर लिया।
अंतरराष्ट्रीय आवाजाही: आरोपी इसी फर्जी पासपोर्ट के जरिए नेपाल के रास्ते विदेश आता-जाता रहा। पुलिस को आरोपी के किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़े होने की आशंका है और मामले की गहन जांच जारी है।
