भाजपा पार्षद अर्चना के नामांकन पर विवाद, परिजनों ने लगाया पुलिस पर जबरन ले जाने का आरोप

जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनाव के बाद अब दूनी नगर पालिका में चेयरमैन पद के चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीतने वाली अर्चना बड़गुजर द्वारा चेयरमैन पद के लिए कांग्रेस के सिंबल पर नामांकन दाखिल करने के बाद मामला गरमा गया है।
कांग्रेस का आरोप है कि नामांकन के तुरंत बाद पुलिस-प्रशासन ने दबाव बनाते हुए महिला प्रत्याशी को जबरन अपने नियंत्रण में ले लिया, जिसके बाद से वे लापता हैं।
भाजपा पार्षद से कांग्रेस प्रत्याशी बनने की पूरी कहानी
मामले का खुलासा करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने जयपुर में अर्चना बड़गुजर के परिजनों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की:
टिकट न मिलने पर बदला पाला: दूनी नगर पालिका से भाजपा के सिंबल पर जीत दर्ज करने वाली अर्चना बड़गुजर चेयरमैन पद की दावेदार थीं। हालांकि, पार्टी के भीतर उनके नाम पर सहमति न बनने के बाद उन्होंने कांग्रेस का रुख किया।
कांग्रेस सिंबल पर नामांकन: कांग्रेस का समर्थन हासिल कर अर्चना ने चेयरमैन पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
"पुलिस ले गई साथ, परिजन तलाश में भटक रहे": कांग्रेस
नामांकन दाखिल करने के बाद हुए घटनाक्रम पर परिजनों और कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय पुलिस व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं:
अज्ञात स्थान पर ले जाने का आरोप: परिजनों का कहना है कि नामांकन के बाद पुलिस प्रशासन के सहयोग से अर्चना को अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। उनके सास-ससुर और भाई लगातार थाने के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी लोकेशन या स्थिति के बारे में कोई जवाब नहीं मिल रहा है।
प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग का आरोप: स्वर्णिम चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा पार्षदों को सरकारी एस्कॉर्ट दी जा रही है, जबकि कांग्रेस के पार्षदों और प्रत्याशियों को डराने के लिए उनके ठहरने के ठिकानों पर पुलिस रेड डाली जा रही है।
प्रशासन और भाजपा के रुख का इंतजार
कांग्रेस ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से अर्चना बड़गुजर की सुरक्षा व वर्तमान स्थिति को तत्काल सार्वजनिक करने की मांग की है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में कांग्रेस पार्टी और प्रत्याशी के परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर स्थानीय पुलिस-प्रशासन या भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
