पति की हत्या के बाद ई-रिक्शा में शव लेकर घूमे, फिर नहर में फेंकने का आरोप

एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में संपत्ति से जुड़े विवाद के चलते एक सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ है। प्लॉट बिक्री से प्राप्त 15 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर उत्पन्न विवाद में पत्नी ने अपने सौतेले बच्चों और साथियों के साथ मिलकर पति उदयवीर (36) की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के पश्चात आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को हजारा नहर में बहा दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी पत्नी संगीता, सौतेले बेटे अंशुल और एक अन्य सहयोगी चरण सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग सौतेली बेटी को संरक्षण में लिया गया है।

15 लाख रुपये के वित्तीय विवाद में रची गई हत्या की साजिश

मूल रूप से लालपुर कल्याणपुर निवासी उदयवीर अपनी पत्नी संगीता और बच्चों के साथ हीरा नगर में किराए का मकान लेकर रह रहा था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि उदयवीर ने हाल ही में अपना एक प्लॉट लगभग 15 लाख रुपये में बेचा था। इस रकम के बंटवारे और नियंत्रण को लेकर पति-पत्नी के बीच लगातार तनाव बना हुआ था। इसी रंजिश के चलते आठ सितंबर की रात को संगीता ने अपने परिजनों और सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या की इस वारदात को अंजाम दिया।

भाई की शिकायत पर शुरू हुई जांच, पूछताछ में खुला राज

उदयवीर के कई दिनों तक अपने पैतृक गांव न पहुंचने और परिवार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब न मिलने पर उसके भाई अजब सिंह ने अनहोनी की आशंका जताई। उन्होंने नगर कोतवाली में प्रार्थना पत्र सौंपकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने जब संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो पूरी साजिश का खुलासा हो गया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ई-रिक्शा जब्त कर लिया गया है, जबकि पीएसी गोताखोरों की मदद से नहर में शव की तलाश की जा रही है।

ई-रिक्शा से शव ले जाकर नहर में फेंका

जांच में खुलासा हुआ है कि उदयवीर ने ही एक वर्ष पूर्व अपने सौतेले बेटे को आजीविका चलाने के लिए ई-रिक्शा खरीदकर दिया था, जिसका प्रयोग वारदात के बाद शव को ठिकाने लगाने में किया गया। हत्या के उपरांत आरोपी देर रात तक शव को ई-रिक्शा में रखकर विभिन्न नहरों के आसपास घूमते रहे। छछैना नहर के पास गश्त कर रही पुलिस टीम को देखकर वे आगे बढ़ गए और अंततः अरथरा नहर के समीप ले जाकर शव को पानी में बहा दिया।

जहर देने की योजना विफल होने पर अपनाई हिंसा

पुलिस पड़ताल में यह भी उजागर हुआ है कि आरोपियों ने शुरुआत में उदयवीर को विष देकर मारने की योजना बनाई थी। इसके लिए संगीता के परिचित चरण सिंह से जहरीला पदार्थ उपलब्ध कराने को कहा गया था, परंतु कानूनी कार्रवाई के डर से उस विचार को बदल दिया गया। इसके बाद डिजिटल माध्यमों से संवाद स्थापित कर गला घोंटकर हत्या करने और साक्ष्य मिटाने की योजना तैयार की गई। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में शेष फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और संबंधितों के विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

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