केरल में भारी बारिश से हालात बिगड़े, बाढ़ और भूस्खलन में 5 की मौत

मलप्पुरम। केरल के मलप्पुरम जिले के निलांबुर स्थित चोक्कड़ क्षेत्र में रविवार शाम पहाड़ी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद कोट्टापुझा नदी में अचानक भयंकर बाढ़ आ गई। टीके नगर के पास पानी के तेज बहाव में छह लोग बह गए, जिनमें से एनडीआरएफ, दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस द्वारा चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सोमवार सुबह तक पांच लोगों के शव बरामद कर चुके हैं।

निलांबुर में नदी का जलस्तर बढ़ने से हादसा

निलांबुर के विधायक आर्यदन शौकत के अनुसार, नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से यह भीषण हादसा हुआ। रविवार रात रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दो शव बाहर निकाले गए थे, जबकि तीन अन्य शव सोमवार सुबह बरामद हुए। मारे गए इन पांचों लोगों को पर्यटक बताया जा रहा है। इसके अलावा, नदी के किनारे कपड़े धोते वक्त बह गई स्थानीय महिला सजिता (जिसकी उम्र 26 वर्ष है) की तलाश के लिए बचाव दल का सर्च ऑपरेशन अभी भी लगातार जारी है।

इडुक्की और कोट्टायम में भूस्खलन से तबाही

केरल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। रविवार शाम को ही इडुक्की और कोट्टायम जिलों में हुई भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।

छह जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के छह प्रमुख जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया है। मौसम विभाग के मुताबिक:

  • प्रभावित जिले: पत्तनमथिट्ठा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्णाकुलम और त्रिशूर में 115.6 मिलीमीटर से लेकर 204.4 मिलीमीटर तक भारी बारिश होने की संभावना है।

  • मौसम का मिजाज: बारिश के साथ-साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। इसके अलावा कोल्लम, पलक्कड़ और कन्नूर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

प्रशासन सतर्क, हर घंटे हो रही समीक्षा

बिगड़ते हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरे राज्य में बारिश और जलभराव की स्थिति की हर घंटे समीक्षा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन आयुक्त विग्नेश्वरी ने इडुक्की और कोट्टायम के जिलाधिकारियों के साथ एक आपात बैठक की है। संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को एसएमएस (SMS) के जरिए लगातार चेतावनी संदेश भेजे जा रहे हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे जलभराव वाले रास्तों, उफनती नदियों और भूस्खलन की आशंका वाले पहाड़ी ढलानों के पास जाने से पूरी तरह बचें।

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