MP में मेंटेनेंस नीति में होगा बदलाव, पुराने नियमों की समीक्षा के बाद तय होगी नई व्यवस्था

भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़क निर्माण के बाद उनके रखरखाव और गुणवत्ता को लेकर चली आ रही पुरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एक नई सड़क अनुरक्षण नीति तैयार कर रहा है, जिसके तहत सड़क बनने के बाद उसकी नियमित मरम्मत, गुणवत्ता की निगरानी और वित्तीय व्यवस्था की जिम्मेदारी को पूरी तरह स्पष्ट किया जाएगा। इस नई नीति का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 9 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो 30 अक्टूबर तक अपनी रिपोर्ट प्रमुख सचिव को सौंपेगी।
आईआईटी विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों की समिति
नई नीति का तकनीकी खाका तैयार करने वाली इस उच्चस्तरीय समिति में आईआईटी मुंबई के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. धर्मवीर सिंह को तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग जोन के मुख्य अभियंता को समिति का समन्वयक बनाया गया है। इस समिति में एनएचएआई, एमपीआरडीसी, पीडब्ल्यूडी और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी सदस्य के रूप में शामिल हैं। यह समिति पिछले 4 वर्षों में जारी किए गए सड़क अनुरक्षण संबंधी दिशा-निर्देशों की समीक्षा कर एक नया और प्रभावी ढांचा सुझाएगी।
सड़क की उम्र बढ़ाने और नियमित रखरखाव पर फोकस
प्रस्तावित नीति का मुख्य उद्देश्य सड़कों की दीर्घकालिक उपयोगिता और उनके टिकाऊपन को बढ़ाना है।
सड़क खराब होने के बाद बड़े स्तर पर मरम्मत कराने के बजाय, उसके नियमित रखरखाव को व्यवस्था का मुख्य हिस्सा बनाया जाएगा।
गुणवत्ता जांच, समय पर मरम्मत और इसके लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता को नीति में प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार का यह प्रयास है कि सड़कों की उम्र लंबी हो और बार-बार होने वाले खर्चों को व्यवस्थित किया जा सके।
श्रमिकों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने की पहल
सड़क निर्माण की गुणवत्ता को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने एक अलग कदम उठाया है। मैदानी स्तर पर काम करने वाले पंजीकृत श्रमिकों की कार्यकुशलता का आकलन करने और आधुनिक निर्माण तकनीकों के अनुसार उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए 6 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति श्रमिकों के लिए नया प्रशिक्षण मॉड्यूल और पाठ्यक्रम तैयार करेगी। अब सभी की निगाहें 30 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब यह समिति अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और मध्य प्रदेश में सड़कों को टिकाऊ बनाने के नए मॉडल का खुलासा होगा।
