जयशंकर-गुटेरेस की अहम मुलाकात, यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया संकट पर हुआ विचार-विमर्श

संयुक्त राष्ट्र। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय में महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। यूएन महासभा के उच्च-स्तरीय कार्यक्रमों के समापन के अवसर पर हुई इस बैठक के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और ग्लोबल साउथ के देशों पर इसके पड़ने वाले प्रभावों को लेकर विस्तार से चर्चा की।

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विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने आधिकारिक 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस मुलाकात की जानकारी देते हुए लिखा कि एंटोनियो गुटेरेस से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने बताया कि उनकी यह चर्चा मुख्य रूप से पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्षों और उनके नकारात्मक प्रभावों को कम करने की आवश्यकता पर केंद्रित थी।

दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव के कार्यालय से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच बहुपक्षवाद, भारत-यूएन के आपसी सहयोग और यूक्रेन युद्ध तथा पश्चिम एशिया के हालात जैसे तमाम अहम भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर सार्थक बातचीत हुई। इस दौरान महासचिव गुटेरेस ने वैश्विक मंच पर संयुक्त राष्ट्र के साथ भारत के निरंतर और मजबूत सहयोग की भरपूर सराहना की।

गुटेरेस के कार्यकाल और भारत के योगदान का जिक्र

इससे पहले, शनिवार को यूएन की आम बहस (जनरल डिबेट) को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने विश्व संगठन के प्रमुख के रूप में एंटोनियो गुटेरेस की शानदार सेवाओं की खुले दिल से प्रशंसा की थी। ज्ञात हो कि इस साल दिसंबर में गुटेरेस का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। जयशंकर ने कहा था कि बहुपक्षवाद के उद्देश्य के लिए एक दशक की लंबी सेवा और समर्पण के बाद, हम जल्द ही महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को विदाई देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत उनके कई महत्वपूर्ण योगदानों, विशेषकर 'मिशन लाइफ' (Mission LiFE) के प्रति उनके व्यक्तिगत समर्थन को बहुत अधिक महत्व देता है।

व्यस्त दौर और कूटनीतिक बैठकें

संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रमुख के रूप में एंटोनियो गुटेरेस के लिए यह अंतिम उच्च-स्तरीय सप्ताह था, क्योंकि उनका दूसरा पांच साल का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा हो रहा है। इससे पहले इसी महीने के शुरुआती दिनों में वे ब्रिक्स (BRICS) नेताओं के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत भी आए थे। एशिया सोसाइटी में हाल ही में हुई एक बातचीत के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने साझा किया कि इस बेहद व्यस्त सप्ताह के दौरान उन्होंने अपने लगभग 85 से 90 विदेशी समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें की हैं।

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