नए मेयरों का एक्शन प्लान शुरू, 10 शहरों में सफाई से लेकर वार्ड निरीक्षण तक

जयपुर। राजस्थान के विभिन्न नगर निगमों में नए बोर्ड के गठन के बाद महापौरों ने शुरुआती दिनों से ही एक्शन मोड में काम करना शुरू कर दिया है। प्रदेश के प्रमुख शहरों में महापौरों द्वारा क्षेत्रीय दौरों, बैठकों और जनसुनवाई के जरिए कामकाज की रूपरेखा तय की जा रही है।
प्रमुख शहरों में महापौरों की कार्यशैली और प्राथमिकताएं
जयपुर: महापौर सुनील कोठारी ने 13 में से 8 जोन की बैठकें लेने के साथ रात के समय परकोटे में सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। अवैध निर्माण, अतिक्रमण और सफाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
जोधपुर: महापौर प्रसन्नचन्द मेहता ने पहली बैठक में निर्देश देने के साथ खुद झाड़ू लगाकर श्रमदान किया। उन्होंने पावटा सी रोड पर सफाई व्यवस्था देखने के साथ स्ट्रीट लाइटों की निगरानी पर जोर दिया है।
कोटा: महापौर अनुसुइया गोस्वामी ने बिना पर्ची के चैंबर में मिलने की अनूठी व्यवस्था शुरू की है। बोर्ड बैठक में करीब सात घंटे तक सभी पार्षदों से वार्डवार फीडबैक लिया गया।
उदयपुर: महापौर पारस सिंघवी ने पदभार संभालते ही फील्ड विजिट शुरू कर दी है और बेदला में ट्रेंचिंग ग्राउंड की जमीन से अवैध कब्जा हटवाया है। सीवर और स्वच्छता उनका मुख्य एजेंडा है।
बीकानेर: महापौर अनिल कल्ला 80 में से 30 वार्डों का दौरा कर चुके हैं और कचरा परिवहन व्यवस्था सुधारने के लिए रात्रिकालीन सफाई शुरू कराई है।
पाली: महापौर नमिता बुबकिया ने 'फाइल से फील्ड' तक काम ले जाने का लक्ष्य रखा है। सीवरेज सुधार के लिए छह महीने की समयसीमा तय की गई है।
भीलवाड़ा: महापौर जसवंत कंवर ने 15 वार्डों का निरीक्षण कर दीपावली से पहले टूटी सड़कों पर पेचवर्क और 100 दिन में सड़क मरम्मत का जिम्मा उठाया है।
अजमेर: महापौर अनामिका शर्मा ने 20 वार्डों का दौरा कर जनसंवाद शुरू किया है। डेंगू-मलेरिया रोकथाम के लिए फॉगिंग और तीन कचरा ट्रांसफर सेंटर बनाने की योजना है।
अलवर: महापौर सुमनलता अग्रवाल ने हर वार्ड में दो ऑटो टिपर लगाकर शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
भरतपुर: महापौर अनुराधा सिंह ने जलभराव और टूटी सड़कों की समस्याओं का जायजा लेते हुए 15 से अधिक वार्डों का दौरा किया है।
