10वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर बड़ा बदलाव, राजस्थान में साल में दो मौके

जयपुर। राजस्थान में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की तर्ज पर व्यवस्था लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं की परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए साल में दो बार परीक्षा कराने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब पारंपरिक सप्लीमेंट्री (पूरक) परीक्षा की पुरानी प्रणाली को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।

साल में दो बार होंगी परीक्षाएं और नए नियम

  • मुख्य और सुधारात्मक परीक्षा: इस बदलाव के तहत पहली मुख्य परीक्षा फरवरी-मार्च के दौरान आयोजित की जाएगी, जबकि परिणाम सुधार के लिए दूसरी यानी सुधारात्मक परीक्षा मई महीने में कराई जाएगी।

  • अंक सुधार का अवसर: मुख्य परीक्षा में यदि कोई छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं है या बेहतर प्रदर्शन करना चाहता है, तो वह मई में होने वाली सुधारात्मक परीक्षा में अधिकतम तीन विषयों तक में शामिल हो सकेगा। हालांकि, इसके लिए विषय बदलने की अनुमति नहीं होगी और केवल मुख्य परीक्षा वाले चुने गए विषय ही मान्य होंगे। दोनों परीक्षाओं में से जिस विषय में अधिक अंक होंगे, उन्हें अंतिम परिणाम में जोड़ा जाएगा।

  • सप्लीमेंट्री परीक्षा समाप्त: सत्र 2026-27 से माध्यमिक और प्रवेशिका परीक्षाओं की पूरक परीक्षा व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। अब किन्हीं भी दो विषयों में न्यूनतम 33 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को 'एसेंशियल इम्प्रूवमेंट' के तहत दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा।

हालांकि, जो विद्यार्थी प्रथम मुख्य परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित रहते हैं या न्यूनतम उत्तीर्णांक से कम अंक प्राप्त करते हैं, उन्हें दूसरी परीक्षा की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे छात्रों का परिणाम 'एसेंशियल रिपीट' श्रेणी में रखा जाएगा और उन्हें अगले सत्र की मुख्य परीक्षा में सभी विषयों के साथ दोबारा शामिल होना होगा। इस नई व्यवस्था से छात्रों को अपना परीक्षा परिणाम सुधारने और आगे की पढ़ाई में होने वाली समय की बर्बादी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply