थूकने के लिए खास बॉक्स या सफाई का समाधान? मुंबई मेट्रो की नई सुविधा पर बहस

मुंबई। मुंबई मेट्रो की रेड लाइन पर स्थित गुंदवली स्टेशन पर यात्रियों के लिए दुनिया की अपनी तरह की पहली निर्धारित थूकने की जगह (टचलेस स्पिट बिन) बनाए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई और दिलचस्प बहस छिड़ गई है। इस अनूठी पहल को लेकर जहां कुछ लोग इसके समर्थन में हैं, वहीं कुछ इसे अनावश्यक मान रहे हैं।
क्या है यह ‘टचलेस स्पिट बिन’ और इसकी कार्यप्रणाली?
मुंबई मेट्रो प्रशासन के अनुसार, शहर के स्टेशन अपनी स्वच्छता के लिए जाने जाते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी रोकने के लिए थूकने पर 500 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, अस्थमा, कफ या अन्य शारीरिक समस्याओं के कारण कुछ यात्रियों को आने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए, प्रायोगिक तौर पर यह विशेष व्यवस्था शुरू की गई है। पिछले करीब 15 दिनों से गुंदवली स्टेशन पर इसका परीक्षण चल रहा है। यह उपकरण एक छोटे डिब्बेनुमा यूनिट की तरह है, जिसके पास जाने पर यह स्वतः खुल जाता है। कंपनी का दावा है कि इसमें थूकने के लगभग 10 सेकंड के भीतर ही अंदर मौजूद वायरस निष्क्रिय हो जाते हैं। यात्रियों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर भविष्य में इसे अन्य स्टेशनों पर भी लगाने पर विचार किया जा सकता है।
फायदे और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलू
मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की व्यवस्था से सार्वजनिक स्थानों पर इधर-उधर थूकने की प्रवृत्ति पर लगाम लग सकती है, जिससे टीबी, कोरोना और फ्लू जैसे संक्रमणों के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, दीवारों और सीढ़ियों पर पान-गुटखे के दाग न पड़ने से सफाई का खर्च भी कम होगा। दूसरी ओर, आलोचकों और कुछ यात्रियों का मानना है कि यदि इन बिनों की नियमित रूप से सफाई और सुरक्षित तरीके से देखरेख नहीं की गई, तो ये स्थान गंदगी, दुर्गंध और संक्रमण का मुख्य केंद्र बन सकते हैं। फिलहाल, यह प्रयोग स्वच्छता, यात्री सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
