तीन साल के प्रदर्शन पर तय होगी पोस्टिंग, महाराष्ट्र सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में बदला सिस्टम

मुंबई। महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने वरिष्ठ चिकित्सा और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यक्षमता का सटीक आकलन करने और महत्वपूर्ण जिला स्तरीय पदों पर पारदर्शी नियुक्तियां सुनिश्चित करने के लिए एक नई ‘प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन प्रणाली’ (परफॉर्मेंस-बेस्ड अप्रूवल सिस्टम) लागू कर दी है। विभाग द्वारा जारी सरकारी निर्णय (जीआर) के अनुसार, अधिकारियों के पिछले तीन वर्षों के कामकाज के आधार पर उनकी प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही तय की जाएगी।

100 अंकों की होगी मूल्यांकन व्यवस्था

इस नई प्रणाली के तहत अधिकारियों के पिछले तीन वर्षों के प्रमाणित और उपलब्ध कार्य रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी, जिसके लिए अधिकतम 100 अंक निर्धारित किए गए हैं। इन अंकों के आधार पर अधिकारियों को चार श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा:

  • ए श्रेणी (70 से अधिक अंक): इस श्रेणी में आने वाले अधिकारियों को गुणवत्ता आधारित और महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति में पहली प्राथमिकता दी जाएगी।

  • बी श्रेणी (50 से 70 अंक): ए श्रेणी के बाद इन अधिकारियों की नियुक्तियों पर विचार किया जाएगा।

  • सी श्रेणी (30 से 49.99 अंक) और डी श्रेणी (30 से कम अंक): इन श्रेणियों में आने वाले कमजोर प्रदर्शन वाले अधिकारियों को अतिरिक्त प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और 'परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान' (PIP) दिया जाएगा। यदि किसी अधिकारी का प्रदर्शन लगातार निम्न स्तर का पाया जाता है, तो सरकार के पास उसका समय से पहले तबादला करने का अधिकार भी होगा।

किन पदों पर लागू होगी यह व्यवस्था?

यह मूल्यांकन प्रणाली सिविल सर्जन, अतिरिक्त सिविल सर्जन, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, कुछ विशेष मेडिकल ऑफिसर, स्वास्थ्य सेवा के सहायक निदेशक, जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO), अतिरिक्त DHO तथा जिला और महानगरपालिका स्तर के कई अन्य प्रमुख स्वास्थ्य पदों पर लागू होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पोस्टिंग का निर्णय केवल स्कोर के आधार पर नहीं होगा, बल्कि इसके साथ ही वरिष्ठता, अनुभव, आरक्षण के प्रावधान, प्रशासनिक आवश्यकता और अन्य वैधानिक नियमों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

मूल्यांकन के मुख्य मानदंड और निगरानी प्रक्रिया

अधिकारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए एक राज्यस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य सेवा आयुक्त एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन निदेशक करेंगे, जबकि शहरी स्वास्थ्य आयुक्त इसके सह-अध्यक्ष होंगे। मूल्यांकन के मुख्य मानदंडों में लोक सेवा भावना, शिकायत निवारण, नेतृत्व क्षमता, वित्तीय प्रबंधन, भोजन एवं दवाओं की गुणवत्ता, स्वच्छता, मानव संसाधन प्रबंधन, महामारी प्रबंधन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों का क्रियान्वयन शामिल है। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाएगा, जिसमें सभी दस्तावेज, अंक और अंतिम स्वीकृतियों का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। प्रत्येक वर्ष 31 मार्च की स्थिति के आधार पर यह मूल्यांकन किया जाएगा।

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