दुबई की ज्वेलरी दुकान में 72 लाख का सोना उड़ाया, असली गहनों की जगह रखते थे नकली, 50 लाख की रंगदारी भी मांगी

मुंबई। दुबई की एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी कंपनी में काम करने वाले दो कर्मचारियों ने सोची-समझी साजिश के तहत करीब 72 लाख रुपये कीमत के सोने के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। शातिर आरोपियों ने असली सोने के गहनों की जगह पीतल और अन्य धातुओं से तैयार किए गए हूबहू दिखने वाले नकली आभूषण काउंटर पर रख दिए थे। इस मामले का खुलासा होने के बाद जब कंपनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो आरोपियों ने दुबई से फोन कर कंपनी के अधिकारी को धमकी दी और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांग ली। मुंबई क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुब्रतो बर्मन और अजय पाथर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों पर चोरी, धमकी देने और रंगदारी वसूलने के गंभीर आरोप में मामला दर्ज किया गया है। अदालत में पेश किए जाने के बाद दोनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
कैसे हुआ चोरी का खुलासा?
शिकायतकर्ता देवेंद्र धनक दुबई के डीरा गोल्ड सूक स्थित ‘कंज ज्वेलरी’ में एक्जीक्यूटिव मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। इस कंपनी की दुबई में कुल 13 शाखाएं हैं। कंपनी ने वर्ष 2017 में सुब्रतो बर्मन को सेल्स इंचार्ज और अजय पाथर को कैशियर के पद पर नियुक्त किया था।
जून 2026 में कंपनी को कुछ सोने के गहनों के क्षतिग्रस्त और बदले हुए स्टॉक पर संदेह हुआ। जब इन गहनों की जांच 'कैरेट मीटर' से कराई गई, तो करीब 675 ग्राम सोने की जांच में 386 ग्राम सोना नकली पाया गया। इसके बाद जब पूरे स्टॉक की दोबारा गहन जांच की गई, तो लगभग 84.33 ग्राम और नकली सोना मिलने की बात सामने आई।
अपराध का तरीका (Modus Operandi)
कंपनी की आंतरिक जांच में यह बात सामने आई कि मुख्य आरोपी सुब्रतो बर्मन दुकान से असली सोना निकालकर उसे पुराने सोने के रूप में कैशियर अजय पाथर को बेचता था। इसके बाद उसी वजन का नकली सोना बनवाकर असली गहनों की जगह चुपचाप रख दिया जाता था। इन नकली गहनों को स्टॉक में 'क्षतिग्रस्त' या 'बदले हुए' सामान के रूप में दिखाया जाता था। जांच में यह भी पता चला कि असली सोने की बिक्री से मिलने वाली रकम पाथर के जरिए भारत भेजी जाती थी। इस तरह दोनों ने मिलकर कुल 72 लाख रुपये का सोना चुराया।
शिकायत के बाद 50 लाख की रंगदारी और गिरफ्तारी
दुबई में मामला सामने आने के बाद जब कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की और शिकायतकर्ता मुंबई लौटे, तो 28 सितंबर को आरोपियों ने उन्हें फोन पर धमकाना शुरू कर दिया। दोनों ने 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगते हुए धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो वे दुकान से एक किलोग्राम और सोना चोरी करवा देंगे।
पुलिस से बचने के लिए पश्चिम बंगाल का रहने वाला आरोपी सुब्रतो बर्मन भारत लौटने के बाद एक नक्सल प्रभावित इलाके में जाकर छिप गया था, ताकि पुलिस वहां तक न पहुंच सके। हालांकि, मुंबई क्राइम ब्रांच की तकनीकी टीम ने सटीक सुराग जुटाकर उसे धर दबोचा। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि चोरी किए गए सोने, अवैध रूप से भेजी गई रकम और इस साजिश में शामिल अन्य संभावित चेहरों का पता लगाया जा सके।
