नवरात्रि में मां दुर्गा के स्वागत से पहले चमका लें मेन गेट, ये 5 छोटी बातें बदल देंगी घर का माहौल

नवरात्रि में मां दुर्गा के स्वागत के लिए घरों में तैयारियां शुरू हो जाती हैं. घर की सफाई से लेकर पूजा घर और मुख्य दरवाजे को भी सजाया जाता है. वास्तु शास्त्र में घर के मेन गेट को घर का अहम हिस्सा माना जाता है. यहीं से मां दुर्गा का घर में आगमन होता है.ऐसे में नवरात्रि से पहले मुख्य दरवाजे को अच्छे से सजाना और वहां वास्तु से जुड़े कुछ आसान उपाय करने से वास्तु दोष दूर होता है और घर में सुख समृद्धि और माँ दुर्गा का आशीर्वाद बना रहता है.

नवरात्रि के दौरान घर की सजावट के साथ मुख्य प्रवेश द्वार को साफ रखना भी जरूरी है. उनके अनुसार, घर के मुख्य द्वार से ही सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश की बात कही जाती है. ऐसे में नवरात्रि से पहले कुछ आसान उपाय किए जा सकते हैं.
सबसे पहले मुख्य द्वार की करें सफाई
घर के अंदर की सफाई जितनी जरूरी है, उतनी ही मुख्य दरवाजे की सफाई भी जरूरी है. दरवाजे के आसपास कूड़ा-कचरा नहीं रखना चाहिए. अगर वहां धूल या जाले लगे हैं तो उन्हें भी साफ कर दें. मुख्य द्वार के पास कोई पौधा मुरझा गया है तो उसे भी वहां से हटा देना चाहिए. वास्तु शास्त्र में मुरझाए हुए पौधे को शुभ नहीं माना जाता है.

आम या अशोक के पत्तों का लगाएं तोरण
मुख्य दरवाजे पर नकली फूलों की जगह आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाया जा सकता है. इन्हें शुभ माना जाता है. आम और अशोक के पत्तों का इस्तेमाल मुख्य द्वार की सजावट के लिए किया जाता है और इन्हें नकारात्मक ऊर्जा को घर में आने से रोकने वाला भी माना जाता है. इसके साथ ही मुख्य दरवाजे पर स्वास्तिक का चिन्ह भी बनाया जा सकता है. इसे शुभ माना जाता है.

दरवाजे के आसपास गंदे जूते-चप्पल न रखें
मुख्य दरवाजे के पास गंदे जूते-चप्पल नहीं रखने चाहिए. इन्हें थोड़ा किनारे करके रखें. प्रवेश द्वार के आसपास की जगह साफ और खाली रखना बेहतर होता है.
शाम को मुख्य द्वार पर जलाएं दीपक
नवरात्रि के दौरान शाम की पूजा के समय मुख्य द्वार के पास दीपक जलाकर रखना शुभ माना जाता है. दरवाजे के दोनों तरफ छोटे दीपक रखे जा सकते हैं. अगर दीपक जलाना संभव नहीं है तो सजावटी लाइट भी लगाई जा सकती है. ध्यान रखें कि मुख्य दरवाजे के आसपास पर्याप्त रोशनी रहे और वहां अंधेरा न हो.

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