मुजफ्फरपुर में जमीन के कथित फर्जीवाड़े पर पुलिस का एक्शन, राजस्व अधिकारी भी गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुश्तैनी जमीन के कथित फर्जी दाखिल-खारिज और भू-माफियाओं के साथ सांठगांठ के गंभीर मामले में निलंबित मुशहरी अंचलाधिकारी (सीओ) महेंद्र कुमार शुक्ला को अहियापुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। केंद्र सरकार के सेवानिवृत्त अवर सचिव विजय कुमार की 70 डिसमिल पुश्तैनी जमीन के फर्जी म्यूटेशन को लेकर बीते 29 अगस्त को अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीओ महेंद्र कुमार शुक्ला समेत कई रसूखदार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
गिरफ्तारी के उपरांत सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी और अहियापुर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर शरत कुमार समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आरोपी सीओ से गहन पूछताछ की। शुक्रवार देर शाम पुलिस आरोपी सीओ को सदर अस्पताल ले गई, जहाँ उनका अनिवार्य मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उन्हें सक्षम न्यायालय में पेश करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
70 डिसमिल पुश्तैनी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जाने का आरोप
अहियापुर थाना क्षेत्र के शहबाजपुर निवासी विजय कुमार द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, उनके पिता दिवंगत जितेंद्र प्रसाद शाही और दादा योगेंद्र प्रसाद शाही के नाम पर खाता संख्या 53 और खेसरा संख्या 403 दर्ज है। इस खाते और खेसरे से जुड़ी 70 डिसमिल पुश्तैनी जमीन को कथित रूप से कूटरचित व फर्जी दस्तावेज तैयार कर हड़पने की गहरी साजिश रची गई।
शिकायत के मुताबिक, वैशाली जिले के सलेमपुर कुचुनदास कोर्ट निवासी कृष्ण नंदन पासवान ने निबंधन कार्यालय के फर्जी दस्तावेजों का हवाला देकर खुद को इस जमीन का खरीदार बताया था। हालांकि, जब शिकायतकर्ता ने निबंधन कार्यालय से दस्तावेजों का आधिकारिक सत्यापन कराया, तो खुलासा हुआ कि संबंधित दस्तावेज संख्या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज है और उसका इस जमीन से कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद अंचल कार्यालय के कर्मियों की कथित मिलीभगत से जमीन का अवैध दाखिल-खारिज कर जमाबंदी कायम कर दी गई।
फर्जीवाड़े के बाद जमीन दूसरे लोगों को बेचने और पुनः म्यूटेशन कराने की कोशिश
प्राथमिकी के अनुसार, फर्जी तरीके से म्यूटेशन कराने के बाद भू-माफियाओं ने इस जमीन को अन्य लोगों के नाम पर हस्तांतरित करना शुरू कर दिया। आरोप है कि जमीन को अभिनव कुमार, अरविंद कुमार मेहता और तुषार सिंह के नाम पर बेचने के बाद दोबारा दाखिल-खारिज कराने की कोशिश की गई।
इस पूरे प्रकरण में कुल नौ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इनमें बेलसंड के विधायक अमित कुमार रानू, उनके भाई अभिनव कुमार, तत्कालीन सीओ महेंद्र कुमार शुक्ला, राजस्व अधिकारी करुण कुमार, अंचल कर्मी सुनील कुमार और अनुज कुमार समेत अन्य लोग शामिल हैं। इन सभी पर आपसी सांठगांठ और आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध म्यूटेशन प्रक्रिया को अंजाम देने का आरोप है।
पुलिस अधिकारी ने की कार्रवाई और गिरफ्तारी की पुष्टि
इस बड़ी कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए एसडीपीओ टाउन-2 के प्रभारी हिमांशु कुमार ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन पर कब्जा करने और अवैध म्यूटेशन के मामले में अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में निलंबित मुशहरी अंचलाधिकारी महेंद्र कुमार शुक्ला और राजस्व अधिकारी करुण कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा कई अन्य लोगों के खिलाफ भी नामजद मामला दर्ज है, और फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है।
