दालों की कीमतों में लगी आग, थोक बाजार में 10 से 15 रुपये तक की बढ़ोतरी

मुंबई। महाराष्ट्र में सूखे के विकराल रूप धारण करने का सीधा असर अब आम आदमी की रसोई और जेब पर पड़ने लगा है। बारिश की भारी कमी और तापमान में बढ़ोतरी के कारण कृषि उत्पादन को तगड़ा झटका लगा है, जिससे बाजारों में अनाज और दालों की आवक तेजी से कम हो गई है। इसके परिणामस्वरूप मुंबई समेत पूरे राज्य में दालों के दाम आसमान छूने लगे हैं।
कम बारिश और सूखे से आपूर्ति पर असर
राज्य के कई प्रमुख हिस्सों में मानसून के दौरान पर्याप्त बारिश न होने के कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। नवी मुंबई स्थित वाशी कृषि उत्पन्न बाजार समिति (एपीएमसी) के थोक बाजारों में पिछले कुछ हफ्तों से दालों की खेप कम पहुंच रही है। मांग और आपूर्ति के बीच आए इस बड़े असंतुलन के कारण कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है।
थोक और खुदरा बाजारों में बढ़े दाम
थोक बाजारों में चना, तूर और मूंग दाल की कीमतों में प्रति किलो 10 से 15 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। थोक बाजार में जो चना दाल पहले 72 रुपये थी, वह अब बढ़कर 82 रुपये प्रति किलो हो गई है। इसी तरह तूर दाल 90 रुपये से बढ़कर 105 रुपये और मूंग दाल 95 रुपये से बढ़कर 105 रुपये प्रति किलो बिक रही है। वहीं, खुदरा बाजारों में यह असर और ज्यादा गहरा है, जहां दालों के दाम 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक महंगे हो चुके हैं, जिससे आम जनता का घरेलू बजट गड़बड़ा गया है।
त्योहारों के दिनों में बढ़ सकती है चिंता
दालें भारतीय खानपान का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। ऐसे समय में जब त्योहारी सीजन नजदीक है, दालों के महंगे होने से आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। यदि बाजारों में जल्द ही आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में महंगाई का यह दबाव और अधिक बढ़ सकता है।
