मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए बड़ी खबर, 1.25 करोड़ खातों में ट्रांसफर हुई राशि

जबलपुर| मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को बहुप्रतीक्षित 'लाडली बहना योजना' की 41वीं किस्त आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। उमरिया जिले के गुरुवाही गांव में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की लगभग 1.25 करोड़ पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से 1500-1500 रुपये की राशि अंतरित की। इसके साथ ही, 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' के तहत आने वाली हितग्राही महिलाओं के खातों में भी 450 रुपये की सब्सिडी राशि भेजी गई है।

लाखों की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन

इस जन-कल्याणकारी सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 14,415.93 लाख रुपये की लागत वाले 136 बड़े विकास कार्यों की सौगात क्षेत्र की जनता को दी। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • लोकार्पण: लगभग 8,731.55 लाख रुपये की लागत से पूरे किए गए 68 विकास कार्यों का लोकार्पण।

  • भूमि-पूजन: लगभग 5,684.41 लाख रुपये की लागत के 68 नए कार्यों का शिलान्यास और भूमि-पूजन। इन विकासात्मक कार्यों में विशेष रूप से बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्रों के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

इस तरह चेक करें आपके खाते में राशि आई या नहीं

यदि आप यह जांचना चाहती हैं कि आपके बैंक खाते में लाडली बहना योजना की किस्त पहुँची है या नहीं, तो आप इन आसान चरणों का पालन कर सकती हैं:

  1. सबसे पहले लाडली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।

  2. होमपेज पर दिए गए 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' के विकल्प पर क्लिक करें।

  3. इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी दर्ज करें, स्क्रीन पर दिया गया कैप्चा कोड भरें और मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को एंटर करें।

  4. अंत में 'खोजें' बटन पर क्लिक करते ही आपके सामने भुगतान का वर्तमान स्टेटस स्क्रीन पर प्रदर्शित होने लगेगा।

पोर्टल दोबारा खुलने के संकेत, छूटी महिलाओं को मिलेगा लाभ

राज्य सरकार की इस लोकप्रिय योजना को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मोहन सरकार में राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में 'लाडली बहना योजना' का पोर्टल दोबारा खोला जा सकता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बात की घोषणा की है कि जो पात्र महिलाएं इस योजना से छूट गई हैं, उनके नाम भविष्य में दोबारा जोड़े जाएंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह आकलन करने के आंतरिक निर्देश भी दे दिए हैं कि वर्तमान में ऐसी कितनी महिलाएं शेष बची हुई हैं।

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