लाडली बहना योजना में नए नाम कब जुड़ेंगे? निर्मला भूरिया के बयान पर पटवारी ने साधा निशाना

भोपाल। मध्यप्रदेश में 'लाड़ली बहना योजना' को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उमरिया में योजना की 41वीं किस्त के रूप में राज्य की 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के खातों में 1500-1500 रुपये की राशि ट्रांसफर की है। हालांकि, इस योजना के पोर्टल को दोबारा खोलने और नए नाम जोड़े जाने को लेकर सरकार के दो मंत्रियों के बयानों में विरोधाभास सामने आया है, जिस पर विपक्ष ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

पोर्टल खुलने को लेकर मंत्रियों के अलग-अलग दावे

प्रदेश के राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने हाल ही में दावा किया था कि जल्द ही लाड़ली बहना योजना का पोर्टल दोबारा खोला जाएगा और योजना से छूटी हुई महिलाओं के नाम इसमें जोड़े जाएंगे। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री ने छूटे हुए नामों का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।

इसके उलट, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया का बयान इससे अलग नजर आया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बहनों के कल्याण के लिए सरकार लगातार प्रतिबद्ध है और हर महीने बड़ी राशि ट्रांसफर कर रही है, लेकिन फिलहाल नया पोर्टल नहीं खोला जा रहा है। मंत्रियों के इन परस्पर विरोधी बयानों के कारण असमंजस की स्थिति बन गई है कि योजना में नए नाम जोड़ने के लिए आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी।

कांग्रेस ने साधा निशाना

सरकार के मंत्रियों के बयानों में सामने आए इस विरोधाभास पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय तीन हजार रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन आज भी करोड़ों पात्र महिलाएं इस योजना के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मंत्री पोर्टल खुलने की बात कह रहे हैं, जबकि दूसरे मंत्री इससे इनकार कर रहे हैं, जो सरकार के भीतर समन्वय की कमी और आर्थिक व प्रशासनिक संकट को उजागर करता है।

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