एक परिवार के पांच लोगों की मौत से हड़कंप, मृतक महेश के मोबाइल में मिले वॉइस नोट से बढ़ी जांच

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्धनगर जिले के अंतर्गत रबूपुरा क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई दर्दनाक मौत के मामले में एक बड़ा नया मोड़ सामने आया है। नंगला श्रीगोपाल गांव में घटित इस सनसनीखेज घटना के बाद मृतक महेश के साले की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो बहनों और एक बहनोई के खिलाफ प्रताड़ना का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर अपनी गहन पूछताछ शुरू कर दी है।

मौत से पहले का ऑडियो रिकॉर्डिंग और प्रताड़ना का आरोप

जांच के दौरान पुलिस को मृतक महेश का मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसमें एक कथित वॉइस नोट रिकॉर्डिंग मिलने की जानकारी सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, महेश ने मौत से ठीक पहले रिकॉर्ड किए गए इस ऑडियो संदेश में अपनी बहनों और बहनोई को इस आत्मघाती व खौफनाक स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया था। इसके आधार पर पुलिस अब आत्महत्या के लिए उकसाने और प्रताड़ित करने के एंगल्स से भी गहनता से जांच कर रही है। शुरुआती तफ्तीश में सामने आए संपत्ति विवाद के पहलुओं के साथ-साथ पोस्टमार्टम में जहर के लक्षण मिलने के बाद विसरा को फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।

नूडल्स खाने के बाद संदिग्ध स्थिति में मिले थे शव

घटना की शुरुआत शुक्रवार रात को हुई थी, जब महेश अपनी पत्नी ललिता और तीन मासूम बच्चों—साक्ष, प्रियांश तथा मिष्टी के साथ गांव में रामलीला देखकर घर लौटे थे। रात करीब 10:30 बजे सभी ने नूडल्स खाया और सोने चले गए। शनिवार सुबह काफी देर तक जब घर का कोई सदस्य बाहर नहीं निकला, तो परीक्षा के लिए जगाने पहुंचे एक बच्चे को इस अनहोनी का पता चला। मौके पर महेश एक चारपाई पर अपने बेटे से लिपटे मिले, जबकि दूसरी चारपाई पर ललिता अपने दोनों बच्चों को बाहों में भींचे पड़ी थीं। पड़ोसियों के मुताबिक, महेश मजदूरी कर परिवार चलाता था, जबकि उसकी मां चंदो ने तबीयत ठीक न होने के कारण नूडल्स नहीं खाया था, जिससे वह बच गईं।

करोड़ों की जमीन का विवाद और पारिवारिक तनाव

पुलिस की पूछताछ में करोड़ों रुपये की संपत्ति और मुआवजे को लेकर चल रहे पारिवारिक कलह की बात भी उजागर हुई है। मृतका ललिता के मायके वालों का गंभीर आरोप है कि लगभग छह महीने पहले महेश की मां ने करीब 10 बीघा बेशकीमती जमीन अपनी बेटी और दामाद के नाम कर दी थी, जिससे महेश का परिवार काफी परेशान और मानसिक तनाव में चल रहा था। इसी जमीन और संपत्ति के विवाद के बीच यह खौफनाक कदम उठाया गया या कोई साजिश रची गई, इसका वास्तविक खुलासा पोस्टमार्टम और खाद्य पदार्थों के नमूनों की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।

देर रात गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

शनिवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद जब पांचों शव एक साथ नंगला श्रीगोपाल गांव पहुंचे, तो वहां कोहराम मच गया। एक साथ एक ही घर की पांच अर्थियां उठते देख पूरे गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं और महिलाओं की चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन हो गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में देर रात ही अश्रुपूरित आंखों से पांचों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। फिलहाल पुलिस अधिकारी इस पूरे मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रहे हैं।

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