टेम्बा बावुमा ने रचा इतिहास, 76 साल बाद किया बड़ा कमाल; शतक के बाद इस भारतीय को बताया आदर्श

दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए कप्तान तेंबा बावुमा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में एक ऐतिहासिक और रिकॉर्डतोड़ पारी खेली है। ग्केबेरहा के प्रतिष्ठित सेंट जॉर्ज पार्क मैदान पर मंगलवार को बावुमा ने अद्भुत धैर्य और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करते हुए 334 गेंदों का सामना कर 179 रनों की शानदार पारी खेली और अपनी टीम को शुरुआती झटकों से उबारकर बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उनकी इस यादगार पारी के दम पर भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन का अट्ठाइस साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त हो गया है, साथ ही उन्होंने छह दशक से अधिक पुराने एक अन्य कीर्तिमान की भी बराबरी कर ली है। अपनी इस सफलता का श्रेय देते हुए बावुमा ने महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श और प्रेरणास्रोत बताया है।
मोहम्मद अजहरुद्दीन का 28 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने 36 वर्ष और 154 दिन की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में कप्तान के रूप में 150 या उससे अधिक रन बनाने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया है। इससे पहले यह खास रिकॉर्ड भारत के पूर्व दिग्गज कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के नाम दर्ज था, जिन्होंने वर्ष 1998 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 163 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी। उस वक्त अजहरुद्दीन की उम्र 35 वर्ष और 38 दिन थी। हालांकि बावुमा ने उम्र के इस पड़ाव पर बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के वॉली हैमंड, माइक डेनेस और एंड्रयू स्ट्रॉस जैसे दिग्गजों को भी पीछे छोड़ दिया है।
76 वर्षों के बाद सेंट जॉर्ज पार्क में बना नया कीर्तिमान
इसके अतिरिक्त, बावुमा दक्षिण अफ्रीका की धरती पर टेस्ट पारी के दौरान कप्तान के रूप में 150 से अधिक रन बनाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों की सूची में दूसरे स्थान पर काबिज हो गए हैं। इस मामले में उनसे आगे केवल ऑस्ट्रेलिया के आर्थर लिंडसे हैसेट हैं, जिन्होंने वर्ष 1950 में इसी मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 167 रन बनाए थे, तब हैसेट की आयु 36 वर्ष और 187 दिन थी। इस प्रकार बावुमा इस ऐतिहासिक मैदान पर सतहत्तर साल बाद कप्तान के रूप में इस तरह का बड़ा कारनामा करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
सचिन तेंदुलकर की तकनीक से लेते हैं प्रेरणा
अपनी इस ऐतिहासिक पारी के उपरांत कप्तान बावुमा ने खुलासा किया कि वह अपनी बल्लेबाजी को निखारने के लिए लंबे समय से महान सचिन तेंदुलकर की तकनीक और खेल शैली का अनुसरण करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी शारीरिक बनावट बहुत लंबी नहीं है, जिसके कारण मैदान पर लंबे कदम निकालना उनके लिए आसान नहीं होता, इसलिए वह अपने मूवमेंट को बेहद संतुलित और प्रभावी रखने का प्रयास करते हैं। बावुमा ने कहा कि वह हमेशा गेंद को अपने शरीर के जितना संभव हो सके उतना करीब से खेलने की कोशिश करते हैं, जो सचिन की क्लासिकल तकनीक की मुख्य विशेषता रही है और यही तरीका उनके लिए सबसे अधिक कारगर साबित होता है।
संकट के समय कप्तानी पारी से दक्षिण अफ्रीका को संभाला
मैच की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका की हालत बेहद दयनीय थी जब बारिश के बाद उतरी टीम के शीर्ष तीन बल्लेबाज मात्र 17 रनों के स्कोर पर पवेलियन लौट गए थे। ऐसे में कप्तान बावुमा ने एक छोर को मजबूती से थामे रखा और पहले रयान रिकेल्टन, फिर मार्को यानसन तथा साइमन हार्मर के साथ शतकीय साझेदारियां करते हुए टीम के स्कोर को नौ विकेट पर 425 रनों तक पहुंचाया। बावुमा के 179 रनों के अलावा मार्को यानसन ने 85 और साइमन हार्मर ने 82 रनों की बहुमूल्य पारियां खेलीं। यह घरेलू टेस्ट में किसी दक्षिण अफ्रीकी कप्तान द्वारा बनाया गया चौथा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी है, जिसने टीम की स्थिति को बेहद मजबूत कर दिया है।
