किरेन रिजिजू को लेकर खरगे का बयान, पीएम मोदी पर साधा निशाना

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के एक पत्र के जवाब में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है और तानाशाही रवैया अपना रही है।

किरेन रिजिजू के बयान पर खरगे का पलटवार

पत्रकारों से बात करते हुए खरगे ने कहा कि किरेन रिजिजू को पर्याप्त ताकत नहीं दी गई है और उनका इस्तेमाल सिर्फ एक मोहरे की तरह किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे खुद सीधे जवाब देने के बजाय दूसरों से पत्र का जवाब लिखवाते हैं, जो सीधे तौर पर विपक्ष और देश की जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को विपक्ष की बातों पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि वे भी संविधान और कानून के दायरे में आते हैं।

तानाशाही रवैये पर देश की जनता चुप नहीं बैठेगी

दशहरा के पावन पर्व का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर सरकार अपनी मनमानी और तानाशाही हथकंडे नहीं छोड़ती है, तो देश की जनता चुप नहीं बैठेगी। जनता समय आने पर उन्हें सत्ता से बेदखल कर देगी और उनकी विचारधारा को जड़ से खत्म कर देगी।

परिसीमन संशोधन विधेयक और सर्वदलीय बैठक की मांग

यह पूरा विवाद खरगे द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे गए उस पत्र के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने संसद में परिसीमन संशोधन विधेयक पेश किए जाने से पहले एक सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने की मांग की थी। इसके जवाब में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने खरगे को पत्र लिखकर सरकार का पक्ष रखा और स्पष्ट किया कि सरकार इस महत्वपूर्ण विधेयक पर संसद में खुली चर्चा और विचार-विमर्श के लिए पूरी तरह तैयार है।

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