इंदौर में छात्रों की आवाज का गवाह रहा मैदान अब किराए पर नहीं मिलेगा, IDA की नई योजना

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में रीजनल पार्क के सामने स्थित एक बेशकीमती जमीन पर जल्द ही एक नई आवासीय कॉलोनी विकसित की जाएगी। इस जमीन पर पिछले काफी समय से न्यायालय में कानूनी विवाद चल रहा था, जो हाल ही में इंदौर विकास प्राधिकरण के पक्ष में फैसला आने के बाद सुलझ गया है। इसके बाद से ही इस भूखंड पर विकास कार्यों की प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया गया है। प्राधिकरण की इस योजना के तहत यहां सड़क, सीवरेज और ड्रेनेज लाइन जैसी तमाम बुनियादी सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। चूंकि यह क्षेत्र रीजनल पार्क के ठीक सामने और आसपास का इलाका ग्रीन बेल्ट के दायरे में आता है, इसलिए यहां बनने वाली इस नई कॉलोनी के प्लॉटों की भारी मांग रहने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। प्राधिकरण ने अगले साल से इन आवासीय प्लॉटों की खुली बिक्री शुरू करने की पुरजोर तैयारी कर ली है, जिसके चलते आने वाले दिनों में यहां जमीनों के भावों में तेजी देखने को मिल सकती है।
राहुल गांधी के कार्यक्रम के दौरान हुआ था किराए को लेकर विवाद
इसी साल 19 सितंबर को कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी ने इसी मैदान पर आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में मुख्य रूप से हिस्सा लिया था। इस भव्य आयोजन के लिए कांग्रेस पार्टी ने इंदौर विकास प्राधिकरण से नियमों के तहत जमीन किराए पर ली थी। हालांकि, जमीन की आधिकारिक अनुमति देने में अधिकारियों ने काफी हीला-हवाली करते हुए लंबा समय लगाया था। इसके बाद अधिकारियों ने अस्थायी लीज के आधार पर किराए की तगड़ी गणना करते हुए कांग्रेस से पूरे 14 लाख रुपये वसूले थे। अनुमति मिलने में हुई देरी और भारी-भरकम किराए की इस वसूली को लेकर उस दौरान राजनीतिक गलियारों में काफी विवाद खड़ा हो गया था, और कांग्रेस नेताओं ने प्राधिकरण के अधिकारियों को अपनी तीखी आलोचना का निशाना बनाया था।
पटाखा व्यापारियों को अस्थायी आवंटन और भविष्य में रोक
कांग्रेस के इस बड़े राजनीतिक आयोजन के ठीक बाद, हाल ही में प्राधिकरण ने इसी खाली जमीन को थोक पटाखा व्यापारियों को त्योहारी सीजन के मद्देनजर अस्थायी मार्केट तैयार करने के लिए किराए पर आवंटित किया है। व्यापारी इस जमीन पर अपनी दुकानें सजाकर पटाखों की बिक्री कर रहे हैं। हालांकि, यह राहत केवल कुछ समय के लिए ही है क्योंकि अब इस पूरी जमीन पर आधुनिक आवासीय कॉलोनी विकसित करने का काम तेजी से शुरू हो चुका है, जिसके कारण अगले साल से यहां किसी भी प्रकार का व्यावसायिक या पटाखों का कारोबार किया जाना पूरी तरह से असंभव हो जाएगा।
