रावण दहन के बाद दिल्ली-NCR में बढ़ा प्रदूषण, हवा की गुणवत्ता बिगड़ी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दशहरा के मौके पर हुए रावण दहन और आतिशबाजी के बाद वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ गया है। पटाखों के धुएं, धूल और शुष्क मौसम ने मिलकर हवा को इतना जहरीला बना दिया है कि लोगों का सांस लेना तक दूभर हो गया है। आसमान में सूरज की चमक की जगह चारों तरफ धुंध और स्मॉग का घना गुबार छाया हुआ है।
खतरनाक श्रेणी में पहुंचा एयर क्वालिटी इंडेक्स
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बुधवार को दिल्ली-एनसीआर का मौसम पूरी तरह धुंधला और शुष्क बना हुआ है। पटाखों के धुएं के साथ-साथ पराली जलाने का शुरुआती असर भी हवा की गुणवत्ता पर साफ नजर आ रहा है। बुधवार सुबह दिल्ली का एक्यूआई (AQI) 290 और नोएडा का एक्यूआई 294 दर्ज किया गया है, जो बेहद खराब यानी गंभीर श्रेणी के बेहद करीब पहुंच चुका है।
स्वास्थ्य पर गंभीर असर और लोगों की परेशानियां
हवा की इस खराब गुणवत्ता के कारण लोगों को खुले में सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्थमा और सांस की पुरानी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की तकलीफें काफी बढ़ गई हैं। इसके अलावा, स्वस्थ लोग भी एलर्जी, गले में संक्रमण, सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी मौसमी समस्याओं की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। डॉक्टरों ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम घर से बाहर निकलने या बाहरी गतिविधियां करने से बचने की सलाह दी है।
मौसम का हाल और तापमान का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही हल्की हवाओं के कारण प्रदूषित कण हवा में ही टिके हुए हैं, जिससे स्मॉग की मोटी चादर तनी हुई है। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिसके चलते इस प्रदूषण से तुरंत राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सुबह-शाम व्यायाम करते वक्त सावधानी बरतें, घरों की खिड़कियां बंद रखें और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
