5 महीने बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे रबाडा, तेज रफ्तार गेंद से फिर साबित की अपनी ताकत

दक्षिण अफ्रीका के विश्व प्रसिद्ध तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक नया और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल कर लिया है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के फाइनल मुकाबलों के तुरंत बाद मैदान पर उतरे इस घातक गेंदबाज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के दौरान अपनी गेंदबाजी से सनसनी मचा दी। रबाडा ने टेस्ट क्रिकेट इतिहास में अपने घरेलू मैदानों पर खेलते हुए दो सौ विकेट पूरे करने का शानदार मुकाम हासिल किया है, जिसके साथ ही उन्होंने अपने देश के महानतम गेंदबाजों की विशेष सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
घरेलू सरजमीं पर दो सौ टेस्ट विकेट लेने वाले चौथे अफ्रीकी गेंदबाज
कगिसो रबाडा अपने देश में टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दो सौ विकेट का आंकड़ा छूने वाले दक्षिण अफ्रीका के कुल चौथे गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह अद्भुत कारनामा केवल महान शॉन पोलक, मखाया एनटिनी और डेल स्टेन जैसे दिग्गज खिलाड़ी ही कर पाए थे। इस ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचने के लिए रबाडा को मात्र दो विकेट की आवश्यकता थी, और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में निक मैडिंसन तथा मिचेल स्टार्क को अपना शिकार बनाकर यह बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने महज अड़तीस घरेलू मैचों में लगभग बीस के बेहतरीन औसत से दो सौ से अधिक विकेट झटके हैं, जिसमें उनके नाम दस बार पांच विकेट हॉल और चार बार मैच में दस विकेट लेने का कारनामा भी दर्ज है।
दूसरे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका का मजबूत शिकंजा और मैच का हाल
इस मुकाबले के अन्य पहलुओं पर नजर डालें तो पहला टेस्ट मैच गंवाने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने इस दूसरे टेस्ट में जबरदस्त वापसी की है। कप्तान टेंबा बावुमा की शानदार और यादगार एक सौ उनासी रनों की पारी की बदौलत मेहमान टीम ने पहली पारी में चार सौ पच्चीस रन बनाकर पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद अफ्रीकी गेंदबाजों ने कहर बरपाते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम को पहली पारी में मात्र निन्यानवे रनों पर ढेर कर दिया, जिसके चलते उन्हें फॉलोऑन का सामना करना पड़ा। चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में चार विकेट के नुकसान पर एक सौ छप्पन रन बना लिए हैं, जहां ट्रेविस हेड पचासी रन बनाकर नाबाद संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि कंगारू टीम अभी भी लक्ष्य से काफी पीछे है और मैच बचाने के लिए उन्हें पांचवें दिन पूरे नब्बे ओवरों तक टिके रहना होगा।
