पीएम मोदी ने चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन का किया उद्घाटन, युवाओं को लेकर दिया संदेश

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 'चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्वामी चिन्मयानंद के साथ अपने पुराने संस्मरणों को साझा करते हुए कहा कि उनके सानिध्य और आशीर्वाद ने ही उनके राजनीतिक और प्रशासनिक जीवन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

होलोग्राम के जरिए पुनर्जीवित हुए पुराने संस्मरण

समारोह के दौरान आधुनिक तकनीक (होलोग्राम) के माध्यम से स्वामी चिन्मयानंद के दर्शन और उनके साथ संवाद का अनुभव करते हुए पीएम मोदी ने इसे एक अत्यंत भावुक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि वडोदरा में 1993 में हुई गुरुदेव के साथ उनकी मुलाकात, उनका स्नेह और मार्गदर्शन आज भी उनकी स्मृतियों में तरोताजा है। स्वामी जी के साथ हुई पिछली चर्चाओं का मुख्य केंद्र युवा शक्ति का निर्माण और एक सक्षम राष्ट्र का विकास था।

राजनीतिक सफर और गुरु का आशीर्वाद

प्रधानमंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि स्वामी चिन्मयानंद से मुलाकात के कुछ वर्षों पश्चात ही जनता ने उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर प्रदान किया। तब से लेकर पिछले 25 वर्षों से वह निरंतर सरकार के मुखिया के रूप में देश सेवा में समर्पित रहे हैं और इस लंबी यात्रा में उन्हें हमेशा गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता रहा है।

चिन्मय अमृत महोत्सव सम्मेलन का स्वरूप

यह तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से 9,000 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन 'चिन्मय मिशन' के 75 वर्षों के गौरवशाली सफर के उपलक्ष्य में आयोजित सालभर के कार्यक्रमों का समापन समारोह है। स्वामी चिन्मयानंद द्वारा 1951 में स्थापित यह वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन वेदांत, भगवद गीता के ज्ञान, सांस्कृतिक संरक्षण और सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है।

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